बच्चे का बिस्तर में पेशाब करने का [ जड़ से इलाज ] : दवा औऱ 9 उपाय

आइये जाने बच्चे का बिस्तर पर पेशाब करना का इलाज इन हिंदी और गिला करना से रोकने के उपाय में यह एक आम समस्या है जो की छोटे बच्चों में पाई जाती है. कम उम्र 4 साल या कभी-कभार 15 साल के बच्चे भी बिस्तर में यूरिन कर देते है.

होता यह है की छोटे बच्चों में ब्लैडर बड़े व्यक्तियों के मुकाबले काफी छोटा होता है, इस वजह से वह छोटा ब्लैडर यूरिन को ज्यादा देर तक कण्ट्रोल नहीं कर पाता और इस तरह नींद में पिसाब निकल जाती है. वैसे भी इस छोटी सी उम्र में यह समस्या आम है, इसलिए आपको ज्यादा चिंतित होने की जरुरत भी नहीं है.

हम यहां आपको बच्चों का बेड पर बाथरूम करना यानी की बीएड वेटिंग पेशाब से बिस्तर गिला न करने से रोकने के घरेलु नुस्खे और आयुर्वेदिक दवा बताएंगे जिनकी मदद से आप बड़ी ही आसानी से घर पर ही इस बीमारी से छुटकारा पा सकेंगे. आइये आगे पड़ते है stop bed wetting treatment remedies tips in Hindi भाषा में.

क्या कारण हो सकते है ?

  • Bladder का छोटा होना
  • Kidney or bladder में Infection का होना
  • पेशाब ज्यादा देर तक न रोक पाना
  • दवाइयों के साइड इफेक्ट्स से
  • कम उम्र के कारण
  • ब्लैडर की कमजोरी के वजह से

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  • यहां बहुत ही असरकारी उपाय दिए है आप इस पोस्ट को पूरा ध्यान से आखिर एन्ड तक पड़ें. औऱ निचे दिए पोस्ट भी जरूर पड़ें.

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बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करने का इलाज

Bachon Ka Bistar Gila Karna ilaj in Hindi

  • थोड़ा सा गूढ़ और तिल दोनों को आपस में मिलाकर बच्चे को रोजाना खिलाये, इसमें आप अजवाइन मिलाकर भी दे सकते है. यह बिस्तर गिला करने से रोकने के उपाय में बहुत ही आसान और असरकारी है.
  • बिस्तर गिला करना के घरेलु उपाय में तो यह आसान उपाय जरूर करे.अगर बच्चे को रोजाना 6-7 बड़े मुनक्का खिलाये जाए तो यह बीमारी ख़त्म हो जाती है, बिस्तर में पेशाब करना बंद हो जाता है.
  • 2-4 केले बच्चे को डेली सेवन कराये इससे बहुत लाभ होगा, व बच्चे बिस्तर में पेशाब करना बंद कर देते है.
  • रोजाना अखरोट भी खिलाये यह पेशाब की बीमारी को भी ख़त्म करेगा और सात ही दिमागी क्षमता को विकसित भी करेगा.
  • सोते समय बच्चे को 1-2 चम्मच शहद पिलाये इससे भी लाभ होता है, व बचा नींद में पेशाब नहीं करता.
  • रोजाना सुबह के वक्त गूढ़ और तिल खिलाकर बच्चे को बिना शकर मिला हुआ एक गिलास दूध पिलाये. याद रहे गूढ़ और तिल खाने के बाद ही दूध पिलाये. इस उपाय से (पेशाब) बेड वेटिंग का इलाज बड़ी जल्दी से होता है.
  • बिस्तर गिला करने की दवा में आप पतंजलि के Nisaamalakai Churn को एक चम्मच भोजन करने से पहले हलके गर्म गुनगुने पानी के साथ ले. औऱ Divya Chandraprabha Vati की एक tablet को रोजाना दोनों समय भोजन करने के बाद ले. इन दोनों दवा (bed wetting medicines) को एक महीने तक लेवे.
  • आयुर्वेदिक दवा में आप रोजाना सुबह 20 ग्राम गूढ़ खिलाये औऱ इसके आधे एक घंटे बाद अजवाइन के कुछ दाने सेंधा नमक मिलाकर खिलाये ऐसा एक सप्ताह तक करे तो यह बीमारी ख़त्म हो जाएगी.
  • मेडिकल पर आपको नवजीवन रस नाम की दवा मिल जाएगी, आप इसे खरीद लाये और अपने बच्चे को सुबह और शाम के समय एक दो गिलास दूध के साथ यह बिस्तर में पेशाब की आयुर्वेदिक दवा दें तो बड़ी जल्दी आराम मिलेगा.
  • थोड़े दिनों तक रोजाना रात को सोते वक्त एक कटोरी (प्याले) में पानी डालकर थोड़े से किशमिश डालकर सो जाए और फिर सुबह इनको खाली पेट बच्चे को खिला दें तो कुछ ही दिनों में बच्चे का बिस्तर गिला करना बंद हो जायेगा पेशाब की आदत छूट जाएगी.

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  • अगर बच्चे को बार-बार पेशाब आने की समस्या हो तो उसे 3-4 छुहारे दूध के साथ दें, आप चाहे तो छुहारे को दूध में उबालकर भी दे सकते है.
  • जामुन की गुठलियों को दूध में सुखाकर चूर्ण की तरह बारीक पीस लें फिर रोजाना दिन में 2-3 बार 3 ग्राम की मात्रा में पानी के साथ बच्चे को खिलाये तो नींद में बच्चों का बिस्तर गिला करना का इलाज हो जायेगा इस आयुर्वेदिक नुस्खे से बहुत लाभ मिलेगा.
  • नींद में बच्चे का बिस्तर पर पेशाब करना रोकने के लिए आप इन सभी उपायों को जरूर करे, तो धीरे-धीरे बच्चा बिस्तर पर बाथरूम (bathroom) करना बंद कर देगा.

नींद में पेशाब करने के इलाज में इस तरह आप बताये गए इन देसी घरेलु नुस्खे का प्रयोग करे तो कुछ ही दिनों में बच्चे का रोग समाप्त हो जायेगा. इसके अलावा हम निचे कुछ और घरेलु उपाय दे रहे है जिनको आप रोजाना करे तो आपको ओर भी ज्यादा जल्दी लाभ होगा.

  • बच्चे को रात का खाना जल्दी खिला दें
  • रात को भोजन करने के 45 मिनट बाद पेट भरकर पानी पि ले उसके बाद कम पानी पिए
  • इसके अलावा बच्चे को रात में एक बार उठाकर पेशाब कराने ले जाए इससे उसके ब्लैडर में ज्यादा पेशाब इकठ्ठा नहीं रहेगा.
  • कई बार डरावनी मूवीज देखने के कारण भी बच्चे बिस्तर गिला करना शुरू कर देते है
  • बच्चा जहाँ सोता है वहां थोड़ा उजाला करके रखे क्योंकि बच्चों को अंधेरे से डर लगता है औऱ इस वजह से बच्चे को रात में पेशाब आने पर वह डर के वजह से बाथरूम नहीं जाते.
  • बच्चे के मन में भूत आदि का डर न बैठाये बल्कि उन्हें निडर बनाये
  • जब सुबह आप बच्चे का बिस्तर गीला देखे तो उसके नींद में पेशाब कर देने के वजह से उसे डांटे नहीं.
  • इसके अलावा बच्चे की ज्यादा उम्र है औऱ फिर भी वह बिस्तर में पेशाब करता है तो किसी डॉक्टर को जरूर दिखाए औऱ उसका ट्रीटमेंट जरूर करवाए.
  • अगर आपको बार-बार पेशाब आने की समस्या है तो आप निचे दिए जा रहा पोस्ट जरूर पड़ें. उसमे हमने बच्चों औऱ वयस्क व्यक्ति में बार बार यूरिन आने की समस्या से निजात दिलाने वाले देसी नुस्खों के बारे में बताया है – बार बार और ज्यादा पेशाब आने से रोकने के 10 उपाय

नोट : बच्चे काफी नाजुक होते है औऱ इस उम्र में उनके शरीर का हर एक अंग कच्चा होता है तो ऐसे में आप ज्यादा से ज्यादा ध्यान रखे की कहीं आपके बच्चे को चोंट न लग पाए. क्योंकि अगर इस उम्र में आपके बच्चे की तबियत ज्यादा ख़राब रहेगी तो इसका नुकसान उसको जिंदगी भर भुगतना पड़ेगा. पेशाब की आदत धीरे-धीरे वैसे भी ठीक हो जाएगी.

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तो आप अगर इस तरह से छोटे बच्चों का बिस्तर गिला करना के उपाय औऱ आयुर्वेदिक, bistar par peshab ka ilaj in Hindi में बताये गए सभी तरीको को आप अपनाये औऱ खूब लाभ उठाये. वैसे यह कोई बड़ा रोग नहीं होता लेकिन समय पर उपचार करना भी कोई बुरा नहीं होता.

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आयुर्वेद एक असरकारी तरीका है, जिससे आप बिना किसी नुकसान के बीमारी को ख़त्म कर सकते है। इसके लिए बस जरुरी है की आप आयुर्वेदिक नुस्खे का सही से उपयोग करे। हम ऐसे ही नुस्खों को लेकर आप तक पहुंचाने का प्रयास करते है - धन्यवाद.