अस्थमा का जड़ से इलाज, दवा बाबा रामदेव के उपाय और नुस्खे

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दमा अस्थमा का इलाज बताइए इनके घरेलु उपाय इसे हम दमा भी कहते हैं यह एक श्वसन रोग हैं, हमारे श्वसन में जब किसी वजह से सूजन आ जाती हैं तो इससे श्वसन नली सिकुड़ जाती हैं इसी वजह से रोगी को सांस चलने लगती हैं. ऐसे में रोगी की सांसे फूल जाती हैं, छोटी सांस लेनी पड़ती हैं, छाती में कसाव सा महसूस होने लगता है आदि.

  • अस्थमा की बीमारी छोटे बच्चों से लेकर वयस्कों तक किसी को भी हो सकती हैं. रोगी इस रोग से मुक्ति पाने के लिए हर तरह का संभव प्रयास करता है, लेकिन उसमे बड़ी मुश्किल से ही कोई दवा आराम करती है. और वह आराम भी टेम्पररी होता है इसीलिए हम यहाँ आपको परमानेंट इसे ठीक करने के तरीके बता रहे है, निचे पड़े.
  • हम यहां आपको बाबा रामदेव व राजीव दीक्षित जी द्वारा बताये गए अस्थमा के आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे बताएंगे जिनके जरिये आप घर पर ही इस को ठीक कर सकते हैं. यह बताये जाने वाले उपाय 100% असरकारी हैं.
  • यहां चमत्कारी उपाय बताये गए है, पोस्ट को पूरा ध्यान से आखिरी एन्ड तक पड़ें. और निचे दिए पोस्ट्स भी पड़ें.

अस्थमा के प्रकार : एक एलर्जी व प्रदुषण के कारन होता हैं वहीं दूसरी तरह का अत्यधिक श्रम, व्यायम जिसमे सांस तेजी से लेनी पड़ती हो आदि के कारण होता हैं.

अस्थमा के लक्षण

  1. धूल से भरे वातावरण में रहना
  2. घर में पालतू जानवर के होने से
  3. वायु प्रदुषण
  4. खुश देने वाले प्रसाधन का ज्यादा प्रयोग करना
  5. स्मोकिंग करना
  6. शराब का ज्यादा सेवन
  7. एलर्जी की शिकायत होने से
  8. दवाइयों के साइड इफेक्ट्स होने से
  9. अत्यधिक तनाव में रहने से
  10. जंक फूड्स का ज्यादा सेवन
  11. नमक ज्यादा खाने से
  12. जेनेटिक्स

अस्थमा के लक्षण

  1. सांसे लेने में दिक्क्त होना
  2. सीने में जकड़न आना
  3. सांस लेते वक्त घरघराहट की आवाज आना
  4. सांस लेते समय तेज पसीना आना
  5. बेचैनी होना
  6. सिर का भारी होना
  7. उलटी होना
  8. खांसी चलना आदि यह सामान्य अस्थमा के लक्षण हैं.
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अस्थमा का इलाज बताइए

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सिर्फ एक दिन में अस्थमा से पाए आराम

अस्थमा में यह उपाय सिर्फ पूर्णिमा के दिन ही किया जाता हैं. पीपल के पेड़ की छाल के अंदर के हिस्से को निकालकर उसके टुकड़े-टुकड़े कर लें और धुप में सूखा लें, छाल के सुख जाने के बाद इसे बारीक़ पाउडर की तरह पीस ले.

अब पूर्णिमा के दिन चावल की खीर बनाये और शाम को करीबन 6 बजे इस खीर को एक प्याले में अलग रख लें व इसमें पीपल के पेड़ की छाल का पाउडर 10-12 ग्राम मिला दें और अपने घर की छत पर रख दें, छत पर ऐसी जगह पर रखे जहां पर चन्द्रमा की किरन इस खीर के प्याले पर अच्छे से पड़ती हो.

अब आपको शाम 6 बजे से लेकर रात 11 बजे तक इसको छत पर ही चन्द्रमा की किरण में रखे रहने दें और फिर 11 बजे बाद इस खीर को खाले, यह दमा व अस्थमा का पक्का घरेलु इलाज लाभकारी हैं.

नोट : इस खीर को खाने के बाद रात भर रोगी को सोना नहीं हैं, किसी भी तरह उसे पूरी रात जागना हैं तभी जाकर यह खीर अस्थमा को जड़ से मिटा पाएगी. यह उपाय सिर्फ पूर्णिमा की रात में ही काम करता हैं यह अस्थमा का एक चमत्कारी उपाय हैं आप जरूर करे 100% उपचार करती हैं.

  • Pollution व एलर्जी के कारण अस्थमा होने पर पीपल के पेड़ की छाल को कूटकर के इसका सुबह शाम काढ़ा बनाकर के एक दो महीने तक पिए. जिसे भी एलर्जी व पर्यावरण के कारण हुआ है उसका 100% इस घरेलु उपाय (home remedies) से अस्थमा दूर हो जायेगा.

धतूरा से करे उपचार

  • अस्थमा के लिए बराबर मात्रा में धतूरे के फल व पत्तियों को लेकर छाया में सूखा ले, सुख जाने के बाद के बाद इन दोनों को बारीक़-बारीक़ कूट या कुचल लें. फिर उस मिश्रण को मिटटी की हंडियां में डाल दें और हंडियां का मुंह किसी कपडे से बांध दें और ऊपर से कपडे पर गीली मिटटी लगा दें.
  • अब आग के अंगारो पर इस मिटटी की हंडिया को रख दें जब इसके अंदर रखे धतूरा के पत्ते व फल जल कर भस्म हो जाये तो उसे उतारकर के अलग रख लें. अब रोजाना सुबह व शाम आधा ग्राम की मात्रा से कम इस भस्म को लेकर के शहद में मिलाकर के रोगी को चटाये. यह कफ और अस्थमा के घरेलू उपचार हैं.

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  • जिनको इस रोग का दौरा पढ़ रहा हो उस समय छाया में सुखाये हुए धतूरे के पत्तों को चिलम में तम्बाकू की तरह भरकर पिए.  इससे अटैक का तुरंत इलाज होता हैं.
  • दमा – अस्थमा का अटैक आने पर गर्म पानी में निम्बू निचोड़कर पिने से भी आराम मिलता हैं.

अगर आप होमियोपैथी उपचार की दवा लेने का सोच रहे हैं या एलॉपथी का प्रयोग करना चाहते हैं तो में आपसे कहूंगा की, यह सभी अस्थमा रोग को दूर नहीं करती बल्कि यह उस बीमारी को दबाती हैं. डॉक्टर खुद मानते हैं की इस सांस अस्थमा के रोग का ट्रीटमेंट एलॉपथी और होमियोपैथी में नहीं कर सकती.

Rajiv Dixit Ji Treatment For Asthma

  • अस्थमा में राजीव दीक्षित जी – आधा कप गौ मूत्र रोजाना सुबह के समय तीन महीनो तक पिने से 101% लाभ मिलता हैं. फिर रोगी को जिंदगी में दुबारा या बीमारी नहीं होती. हमने इस आयुर्वेदिक नुस्खे से हजारो लोगों का उपचार किया हैं.
  • अस्थमा में दालचीनी को शहद में डालकर के 5-7 मिनट तक रगडिये और फिर इसको चाट कर रोगी को खिला दें, यह उपाय वात-कफ व शरीर के 50 रोगो का उपचार करता हैं. दमा में भी इससे लाभ होता हैं.
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  • बाए हाथ की आखिरी तीन उंगलियों के निचे के हिस्से को दिन में 7-8 बार रगड़ना चाहिए, क्योंकि यह क्षेत्र श्वसन तंत्र का होता हैं इसको रगड़ने से श्वसन तंत्र अस्थमा में अस्थमा में अत्यंग लाभ होता हैं.
  • इस बीमारी के रोगी को रात को सोने से पहले गर्म पानी पीकर सोना चाहिए इससे रोग में लाभ होता हैं और चैन की नींद आती हैं.

5 से 8 दिन में पूरा आराम

दमबेल – रोजाना सुबह के समय दमबेल के एक पत्ते को दातों से चबाकर खाने से 5 से 8 दिनों में यह बीमारी ख़त्म हो जाती हैं. दमाबेल का पत्ता खाने के बाद एक घंटे तक कुछ भी न खाये व दिन में भरपूर मात्रा में पानी पीते रहे. यह उपाय अत्यंक लाभकारी हैं. इसके सेवन से शरीर में मौजूद अस्थमा कारक शरीर से बाहर निकल जाते हैं. (अगर रोगी को यह पत्ता कहते ही उलटी होती हैं तो इस पत्ते के टुकड़े-टुकड़े कर के थोड़ी-थोड़ी देर में खाये)

दमबेल

पतंजलि अस्थमा की दवा

  • दिव्य त्रिकाटू चूर्ण – श्वसन तंत्र की सफाई करता हैं, सारे कचरे को शरीर से बाहर निकाल देता हैं.
  • दिव्य स्वसारी रस – इसके सेवन से भी  रोगियों को अत्यंत लाभ मिलता हैं, इसके सेवन से कोई नुकसान नहीं होता.
  • बाबा रामदेव द्वारा बताई गई अस्थमा की दवा के बारे में आप पतंजलि के स्टोर पर जाकर और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, इनको लेने की विधि भी वह आपको अच्छे से समझा देंगे.
  • ऐसा भोजन करना चाहिए जो जल्दी से पच जाए, तेज मसालेदार तेल से बनी चीजों का परहेज करना चाहिए. इसमें रोगी को हरी सब्जियां खाना चाहिए इस तरह आहार पर ध्यान देंगे तो बताये गे देसी नुस्खे भी अस्थमा में बेहतर असर दिखाएंगे.

बिना दवा के छुटकारा पाए

  • साँस अस्थमा का इलाज में स्वर चिकित्सा घरेलु उपाय – रोगी को भोजन करने से पहले व भोजन करने के बाद तक दाया स्वर (सूर्य स्वर) चलाना चाहिए, इसके लिए आप बाए बाए स्वर (चंद्र स्वर) में रुई अथवा कुछ लगा दें जिससे बाया स्वर बंद हो जाए. यानी आपको सिर्फ दाया स्वर से ही स्वानं लेनी हैं. भोजन करने के 15 मिनट पहले से ही यह शुरू कर दें और भोजन करे के बाद 20-25 मिनट तक यही चलने दें. इससे अस्थमा की शिकायत उतपन्न होना बंद हो जाती हैं, प्राकृतिक चमत्कारी बिना दवा के दमा का इलाज.

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अस्थमा के लिए योग – रोगी को रोजाना नियमित रूप से कपालभाति, अनुम विलोम प्राणायाम कम से कम 10 मिनट रोजाना करना चाहिए. अगर इस रोग को जल्दी खत्म काना चाहते हैं तो दोनों प्राणायाम को 25-25 मिनट्स तक करे, इनके प्रयोग से चमत्कारिक लाभ होता हैं.

  • जब भी आपको दौरे आये, सांस चलने लगे तो उस समय हल्दी का दूध पिए जल्द आराम मिलेगा.
  • इस रोग में गर्म कॉफ़ी पिने से तुरंत राहत मिलती हैं.
  • सरसों और कपूर के तेल को गर्म करके छाती पर मालिश करने से इस सांस की बीमारी के लक्षण ख़त्म होते हैं.

तो दोस्तों इस लेख अस्थमा की दवा बताएं, asthma ka ilaj batao kya hai जो हमने बताये हैं यह 101% देंगे। यह खुद बाबा रामदेव, राजीव दीक्षित जी द्वारा बताये गए हैं। बाबा जी ने हजारों लोगों की दमा की बीमारी को ख़त्म किया है। आप इन उपायों को करके जरूर देखे अगर कुछ पूछना चाहते है तो निचे कमेंट करे।

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आयुर्वेद एक असरकारी तरीका है, जिससे आप बिना किसी नुकसान के बीमारी को ख़त्म कर सकते है। इसके लिए बस जरुरी है की आप आयुर्वेदिक नुस्खे का सही से उपयोग करे। हम ऐसे ही नुस्खों को लेकर आप तक पहुंचाने का प्रयास करते है - धन्यवाद.