तुरंत आग से जलने पर घरेलु उपचार : दूध, तेल, गरम पानी से जलना

garam pani se jalne par, तेल से जलने पर घरेलू उपचार, दूध से जलने पर उपचार, chai se jalne par kya kare

तेल चाय दूध आग से जलने पर उपचार और घरेलु उपाय इन हिंदी – छोटे बचे व वयस्क व्यक्ति दोनों ही कभी कभार accidentally आग से जल जाते है, दूध से जल जाते है, हाथ पर चाय गिर जाती है गरम पानी से हाथ व शरीर जल जाता हैं.

शरीर के किसी भी अंग के जल जाने पर उसमे बहुत ही तेज जलन होती है जो की असहनीय होती हैं, ऐसे में हर व्यक्ति प्राथमिक उपचार करने के बारे सोचता है क्योंकि जलन इतनी ज्यादा होती है की बहुत तकलीफे आती हैं. तो चलिए दोस्तों हम तेल, गरम पानी, आग से जलने पर क्या करे के बारे में कुछ नुस्खे बताते है जिनके प्रयोग से आपको तुरंत ही आराम मिलेगा.

आग से जलने पर तुरंत ही टूथपेस्ट को जले हुए स्थान पर लगाए, यह प्रयोग आप सभी तरह के जले हुए स्थान पर कर सकते है जैसे चाय, गर्म पानी, तेल, दूध, किसी गर्म वस्तु को छूने से जलने पर आदि सभी में आप इसका प्रयोग करे. यह जलने पर तुरंत घरेलु इलाज करता हैं burning treatment tips in Hindi at home.

[wps_note size=”21″ background=”#000000″ color=”#ffffff” radius=”3″]Attention Please :- आग, गर्म दूध, गर्म पानी, चाय तेल आदि से जलने पर आप सबसे पहले अपने हाथ को पानी में 10 मिनट के लिए रखे फिर उस पर आप आलू को काटकर लगाए, टमाटर को काटकर लगाए, अलोएवेरा के गुदा को जले हुए पर रख कर कपडे से बांध दें, हल्दी लगाए, शहद लगाए और यह सब उस समय न मिल पाए तो अपने खुद का मूत्र पेशाब एक डिब्बे में भर लें व एक कपडे को उसमे भिगोकर जले पर लगाए 100% लाभ होगा. बाकी आप निचे डिटेल में दिए गए इन नुस्खों aag se jalne ka ilaj को भी पढ़िए.[/wps_note]

garam pani se jalne par, तेल से जलने पर घरेलू उपचार, दूध से जलने पर उपचार, chai se jalne par kya kare

आग से जलने पर उपचार प्राथमिक इलाज

Aag se Jalne Par ilaj Bataye

  • जले हुए स्थान पर अलोएवेरा के पत्तों का गुदा लगाने से फफोला नहीं पड़ता व जलन में भी शांति मिलती हैं.
  • प्राथमिक उपचार में जले हुए स्थान पर सबसे पहले सामान्य ठंडा पानी डालना चाहिए, याद रहे ज्यादा ठंडा पानी डालने से उल्टा घाव फफोला बन जाता है इसलिए सामान्य ठंडा पानी ही डालें, फिर निचे दिए जा रहे घरेलु नुस्खे से उपचार करे.
  • गर्म पानी पर इलाज – अगर आपके हाथ में घाव बन गया हो तो इसे मिटाने के लिए घाव पर नारियल का तेल और नीबू का रस लगाए.
  • दूध चाय से जलने पर आलू को काटकर उसके टुकड़े को जले हुए स्थान पर लगाने से भी फफोले नहीं पड़ते व दर्द में भी आराम मिलता हैं.
  • नमक को पानी में डालकर पेस्ट बना ले और जले हुए स्थान पर लगाए तो फफोला नहीं पड़ता हैं.
  • रोटी बनाये जाने वाले आटे को जले हुए थान पर लगाने से भी फफोले व दर्द नहीं होता हैं.
  • केले को जले हुए थान पर लगाने से भी फफोले व दर्द से छुटकारा मिलता हैं.
  • जले का उपचार करने के लिए आप देसी गाय के घी को जले हुए स्थान पर लगाए तो तुरत आराम मिलता है.
  • आग दूध गर्म पानी से जलने पर अगर घाव हो जाए तो घाव पर ईसबगोली की पत्तियों को लगाकर बांध दें, रोजाना ताज़ा इसबगोल की पत्तिओं को बांधने से घाव, फफोले आदि जल्दी भर जाते हैं.
  • आप मेहंदी का प्रयोग भी कर सकते हैं. जले हुए स्थान पर मेहंदी लगाए या फिर मेहंदी के पत्तों को पीसकर उनका रस जले पर लगाए तो फफोले घाव आदि नहीं बनते व पूर्ण शांति मिलती हैं.
  • जले का इलाज करने के लिए टमाटर को काटकर जले पर लगाने से भी राहत मिलती हैं.

jalne par gharelu upchar in hindi, jalne par gharelu upchar, jalne par upchar

  • गर्म पानी से, चाय से, दूध से, तेल से आदि किसी से भी जलने पर घाव, फफोला हो जाए तो यह प्रयोग करे.
  • आप स्वमूत्र का प्रयोग करे एक सूती कपडा लें और अपने ही मूत्र से उस कपडे को गिला कर दें व फिर उस गीले कपड़े को आग से जले हुए घाव पर रख दें. अगर आप इसे प्राथमिक उपचार में भी करते है तो यह आपको तत्काल राहत दिलाता हैं. इससे त्वचा पर कोई दाग, फफोले नहीं होते व बने हुए फफोले घाव भी ठीक हो जाते हैं.
  • कच्ची गाजर को पीसकर दूध चाय तेल आग से जले हुए स्थान पर लेप करने से जलन मिटटी है. पिप बनना बंद हो जाता हैं, चाय से जलने पर यह करे.
  • जले हुए स्थान पर अलोएवेरा के पत्ते का गुदा बांधने से फफोला नहीं उठता और ठंडक मिलती हैं.
  • आग से जले अंग पर कच्चे बथुए का रस बार बार लगाना बहुत फायदेमंद होता हैं.
  • मूंग पानी में पीसकर जले हुए स्थान पर लेप कारण लाभप्रद होता हैं, इससे दूध से जलने पर  भी किया जा सकता हैं.
  • जले हुए अंग पर सरसों का तेल लगाने से छाला नहीं पड़ता है.
  • आग से जले हुए अंगों पर शहद का लेप करने से जलन कम होती है. घाव होने पर भी जब तक घाव ठीक न हो जाए शहद का प्रयोग जारी रखें.
  • ग्लिसरीन का प्रयोग भी करे, जले स्थान पर ग्लिसरीन लगाए तो तुरंत ठंडक मिलती हैं.
  • जले हुए अंग पर अरंड के पत्ते लगाने से भी आराम मिलता हैं.
  • जले हुए स्थान पर अगर छाले फुटकर घाव हो गे हो, तो लाल चन्दन घिसकर लगाते रहने से कुछ समय में ही घाव भर जाता हैं तथा निशान नहीं पड़ता हैं.
  • असली हींग को पानी में घोलकर मुर्गी के पंख से जले हुए स्थान पर 24 घंटे में चार-पांच बार लगाने से फफोले नहीं पड़ते है तथा शीघ्र ही आराम मिलता हैं.
  • जले हुए स्थान पर हल्दी को पानी में मिलकार लगाए व बाद में जले हुए स्थान पर हल्दी का गाढ़ा लेप भी करे. आप हल्दी को ग्लिसरीन में मिलाकर भी प्रयोग कर सकते हैं.

खुद के पेशाब से इस तरह हुए लोगों को आराम , उनके अनुभव

  • आग से जलने पर या गर्म घी, तेल दूध चाय आदि के शरीर पर गईं जाने से जलने पर घाव पर मूत्र से तर पट्टी या रुई की गद्दी रखने और उसे सूखने न देने के लिए लगातार मूत्र में भिगोये रखने से जलन तत्काल बंद हो जाती है और घाव जल्द ही सुखकर भर जाते हैं. जले हुए अंग पर फ़ौरन मूत्र प्रयोग करने से न फफोला पड़ते है और न दाग ही. अगर फफोले पद भी गए हो तो सावधानी से स्वंत्र से तर पट्टी रखने से वे अच्छे हो जाते हैं.
  • अनुभव :– मेरे एक मित्र की दस साल की पुत्री के चहरे पर गर्म घी गिरजाने से वह जल गई थी, जले स्थान पर रुई के फोहे खुद के पेशाब में भिगोकर कर रखा इस तरह पांच दिन में वह बिलकुल ठीक हो गया था.
  • अनुभव : किरण का हाथ अचानक तवे से चिपक गया था, इस वजह से उसके हाथ में फफोला पढ़ गया था. दो दिन बाद उस फफोले के अंदर मवाद भरने से उसमे बहुत तेज दर्द होने लगा था. तब उन्होंने स्वमूत्र से भीगा रुई का फोहा फफोले पर दिन में कई बार रखा व रात को भी स्वमूत्र से भीगी रुई फफोले पर बंधी इस तरह सिर्फ दो तीन दिन में ही सारा मवाद बहार निकल आया था व दर्द भी गायब हो गया था.
  • अनुभव : एक साल के बच्चे पर गर्म दूध गिर गया. रुई बिछाकर पुराने मूत्र से तर करके बच्चे को उस पर लिटा दिया और जहां जहां जला था वहां रुई के फोहे लगाकर मूत्र से बराबर तर करते रहे. बच्चे ने 24 मिनट में रोना बंद कर दिया और 24 घण्टों में वह आग से जलने पर पूरा बिलकुल अच्छा हो गया.
  • अनुभव : एक व्यक्ति का चेहरा आग से जलने से काला हो गया. स्वमूत्र से तर रुई के फोड़े अपने चहरे पर बांधने से जलने के घाव पूरी तरह भर गए और चहरे की त्वचा अपनी पूर्व दशा में आ गई और चमड़ी पर कोई निशान तक न रहा. तो इस तरह आप भी स्वमूत्र की पट्टी को जले हुए स्थान पर रख कर दूध, तेल, चाय, गरम पानी से जलने पर कर सकते हैं.

दूध तेल चाय गरम पानी से जलना

जलने से घाव होने पर इलाज

  • आग से जलने पर उपचार में 100 ग्राम नीम के तेल में 50 ग्राम मोम, 500 ग्राम नीम की हरी पत्तियों का रस, नीम की छाल का चुरा 20 ग्राम और 10 ग्राम नीम की पत्तियों की राख ले. इन सब को किसी पतीली में डालकर मंडी आग पर चढ़ा लें. जब नीम का सारा रस सुख जाए तथा तेल और मोम एकजान हो जाए तब इसे निचे उतारकर घोंटे. इस मरहम को सुबह व शाम घाव पर लगते रहने से घाव जल्द ही भर जाता हैं और त्वचा पर दाग भी नहीं बनते.
  • सुबह गरम पानी पिने के फायदे : 100 रोगों का इलाज, कब और कितना पिए

आप इन बताये गए सभी तरीको को आजमाए तो आपको तुरंत ही रहत मिलेगी. शरीर पर किसी भी तरह का जलने का निशान के उपाय में यह बहुत अच्छे है और जलने का एक भी निशान नहीं रहने देंगे. इसलिए जितने जल्दी हो सके, आप इनका प्रयोग करे तो समस्या ज्यादा नहीं बढ़ेगी.

इस तरह dudh tail aag se jalne ka ilaj or upay bataye में यह आजमाए तो आपको 100% तुरंत ही लाभ होगा. शरीर पर जले हुए अंग ठीक होंगे जले हुए अंग पर दाग धब्बे नहीं होंगे, फफोले नहीं पड़ेंगे. तो अब आप जलने पर क्रीम दवा के बिना उपयोग के इस तरह यह करे व घाव आदि होने पर इन्ही प्रयोगों को करते रहे तो घाव फफोला आदि सभी मिट जायेंगे.

Share करने के लिए निचे दिए गए SHARING BUTTONS पर Click करें. (जरूर शेयर करे ताकि जिसे इसकी जरूर हो उसको भी फायदा हो सके)
आयुर्वेद एक असरकारी तरीका है, जिससे आप बिना किसी नुकसान के बीमारी को ख़त्म कर सकते है। इसके लिए बस जरुरी है की आप आयुर्वेदिक नुस्खे का सही से उपयोग करे। हम ऐसे ही नुस्खों को लेकर आप तक पहुंचाने का प्रयास करते है - धन्यवाद.