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101% एक्जिमा का जड़ से इलाज के उपाय – Eczema Treatment Tips

एक्जिमा का इलाज क्या है उपाय बताओ क्यों होता है और कैसे इससे छुटकारा पाया जाए ? यह त्वचा को ख़राब करता है और एक बार यह हो जाए तो शरीर में कई जगह पर फेल जाता हैं.

इसका जितने जल्दी उपचार करवा लिया जाये उतना ही बेहतर होता हैं. नहीं तो बाद में यह और भी फैलता जाता हैं. यह रोग आज के समय में बहुत बढ़ रहा है क्योंकि एक तो हमारा खान पान भी सही नही है और ऊपर से हम कपडे भी इतने टाइट पहनते है की जिससे हमारे शरीर के कुछ अंगों को हवा ही नहीं लग पाती. आइये जाने ऐसे आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे के बारे में एक्जिमा से मुक्ति छुटकारा दिलाते हो.

एक्जिमा के कारण

एक्जिमा कैसे होता है – इसे अकोटा, विचर्चिता भी कहते है. यह बीमारी मंदाग्नि, कब्ज बने रहना, लू, गर्मी में रहने, खून की खराबी, मासिक धर्म की गड़बड़ी, सोडा, साबुन, चुना आदि का सदा प्रयोग करने, तंग कपडे पहने से त्वचा का रगड़ खाना, बच्चों के दांत निकलने, माँ के दूध में खराबी, अनुचित भोजन, जिसको पहले ही एक्जिमा हो उसके कपड़े पहनने से आदि से एक्जिमा जन्म लेते है ayurvedic remedies for eczema treatment tips in Hindi.

  • पोस्ट को पुरे ध्यान से और निचे, एन्ड तक पूरा पड़ें. जल्दबाजी बिलकुल न करे.

एक्जिमा के लक्षण

  • इस रोग में त्वचा के ऊपर छोटे-छोटे डेन निकल आते है. इन दानो में पीड़ा खुजली और जलन होती है. ये फुंसियां लाल होकर घाव में परिवर्तित हो जाती है, जिनसे पस-सा निकलने लगता है.
  • हर समय वहां पर खुश्की रहने के कारन तेज खुजली मचती है. अगर रोग की उचित चिकित्सा न की जाए तो यह अत्यंत संक्रामक रूप धारण कर लेता हैं. इसलिए एक्जिमा के लक्षण को ध्यान में रखते हुए इसका इलाज ट्रीटमेंट शुरू करे दें.

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एक्जिमा का इलाज क्या है बताओ

Eczema Ka ilaj bataye Kya hai

1. 250 ग्राम सरसों का तेल लेकर लोहे की कढ़ाई में चढ़ाकर आग पर रख दें. जब तेल खूब उबलने लगे तब इसमें 50 ग्राम नीम की कोमल कोंपले यानि नई पत्तियां डाल दें. कोंपले के काले पड़ते ही कढ़ाई को निचे तुरंत निचे उतार लें अन्यथा तेल में आग लगकर तेल जल सकता है. ठंडा होए पर तेल को छानकर बोतल में भर लें. दिन में चार बार एक्जिमा पर लगाए, कुछ ही दिनों में एक्जिमा नष्ट हो जायेगा. एक साल तक इसको लगाते रहने से फिर जिंदगी में दुबारा कभी भी एक्जिमा नहीं होता, यह जड़ से एक्जिमा का घरेलु उपचार करता है.

2. चार ग्राम चिरायता और चार ग्राम कुटकी लेकर शीशे या चीनी के पात्र में 125 ग्राम पानी डालकर रात को उसमें भिगों दें और ऊपर से ढंक कर रख दें. सुबह के समय भिगोया हुआ चिरायता और कुटकी का पानी निथार कर कपडे से छानकर पि लें और पिने के बाद 3-4 घंटे तक कुछ नहीं खाये और उसी समय अगले दिन के लिए उसी पात्र में 125 ग्राम पानी और दाल दें.

इस प्रकार चार दिन तक वही चिरायता और कुटकी डालकर भिगोये और चार-दिन के बाद बदलते रहें. यह पानी कड़वी चाय लगातार दो-चार सप्ताह पिने से एक्जिमा, फोड़े फुंसी आदि चर्म रोग नष्ट हो जाते है. मुंहासे निकलना बंद होते हैं और खून साफ़ हो जाता हैं, यह एक्जिमा में रामबाण उपाय  है. एक्जिमा में इस कड़े पानी को पिने के अलावा इस पानी से एक्जिमा वाले स्थान को धोया करें.

इस प्रयोग से एक्जिमा और खून की खराबी के अलावा हड्डी की टी.बी, पेट के रोग, अपरस और कैंसर आदि बहुत सी बीमारियां दूर होती है. छोटे बच्चों को दो चम्मच की मात्रा में यह पानी पिलाना चाहिए. बचो के लिए कड़वाहट कम करने के लिए इस कड़वी दवा को पिलाने के बाद ऊपर से एक दो बून्द सादा पानी पीला सकते हैं.

इस प्रयोग से सोरियासिस जैसा कठिन चर्म रोग भी दूर हो जाता हैं. इस रोग में शरीर की किसी किसी जगह का चंद लाल होकर फूल जाता उठता है और सुखी और कड़ी छाल निकल आती है चिरायता और कुटकी के लगातार एक दो महीने के प्रयोग से यह लाइलाज बीमारी भी ठीक हो जाती हैं. इस प्रयोग को करते समय तेज मसालेदार, तेल की चीजे खटाई का परहेज करे.

होमियोपैथी और मेडिसिन्स

  • खदिरारिष्ट एक्जिमा की दवा है, अगर रोगी 21 मल खदिरारिष्ट में 21 ML पानी मिलाकर भोजन करने के बाद सुबह व शाम दोनों समय ले तो 100% उपचार हो जाता है.
  • यह इस रोग के नाम पर वैसे ही बहुत पॉपुलर है, Khadirarishta for eczema medicine इसके इस्तेमाल से आपको बहुत फायदा होगा.
  • गुदुच्याड़ी तेल यह एक आयुर्वेदिक तेल होता हैं, इसको एक्जिमा पर लगाने से बहुत लाभ होता हैं. यह औषधियुक्त तेल भी आसान सा एक्जिमा के घरेलु उपाय हैं, अगर आप इन घरेलु नुस्खे का प्रयोग न करना चाहते हो तो यह दवाई खरीद सकते है मेडिकल स्टोर्स से.
  • भोजन करने के बाद एक या आधा चम्मच पञ्चनिम्बडी चूर्ण लिया जाए तो भी एक्जिमा का ट्रीटमेंट हो जाता है.
  • खून की शुद्धि में साफी बहुत मदद करती है, यह एक लिक्विड दवा (liquid medicine) होती है. रोजाना सुबह खाली पेट 2 चम्मच साफी ले तो आपको एक्जिमा के रोग में अत्यंत लाभ होता, जड़ से दूर हो जायेगा.
  • एक्जिमा की खुजली में नीबू को काटकर उस जगह पर रगड़ने से भी लाभ होता है तुरंत ही लाभ दीखता है, नीबू रगड़ना एक्जिमा की दवा के समान है.

एक्जिमा की दवा Medicine

  • जैतून के तेल की मालिश एक्जिमा पर करने से भी एक्जिमा ट्रीटमेंट होता है.
  • एक्जिमा पर अलोएवेरा का जेल रोजाना लगाने से भी रामबाण इलाज होता हैं.
  • कटहल के पत्तों पर थोड़ा सा घी लगाए और इसे एक्जिमा पर बांध दें इससे भी लाभ होता है.
  • आंवला, गोखरू, गिलोय, हल्दी, मजीठ, अनंतमूल, चोबचीनी, नीम की निबोली और काले खैर की छल सभी 10-10 ग्राम लेकर कूट पीसकर काढ़ा बना लें. इसमें स्वादानुसार खांड की चाशनी मिला लें. यह 2-2 चम्मच काढ़ा सुबह शाम चार सप्ताह तक सेवन करने से रोग मिट जाता हैं.
  • पतंजलि कायाकल्प वटी का तेल व एक-एक गोली सुबह शाम खाये
  • रोजाना खली पेट एक कप अलोएवेरा का रस पिए
  • एक्जिमा पर अलोएवेरा का रस लगाए व रात को लगाकर सोये
  • 10-20 ग्राम कपूर को बारीक़ कर एक चम्मच नारियल तेल में अच्छे से घोंट लें और रोजाना दिन में दो बार एक्जिमा पर लगाए.
  • रोजाना सुबह खाली पेट 30 नीम के पत्तों कस रस पिए, सभी तरह के चार्म रोग जड़ से नष्ट हो जायेंगे, यह बहुत ही प्रभावी घरेलु इलाज हैं.
  • eczema ka ilaj में लहसुन के रस में थोड़ा सरसों का तेल मिलाकर अच्छे से मिक्स कर ले और किसी डीबी में भर ले, फिर रोजाना एक्जिमा पर लगाए अत्यंत लाभ होगा .
  • सिर में एक्जिमा हो जाए तो 26 ग्राम लहसुन के बारीक़ टुकड़े, 110 सरसो तेल, 55 ग्राम पानी इन तीनो को एक साथ मिलाकर गर्म करे, तब तक गर्म करे जब तक पानी ख़त्म न हो जाए फिर बाद में इसे एक शीशी में भरके रख ले और सिर में इस तेल की मालिश करे.
  • लहसुन को बिकुल बारीक़ कर ले और शहद में मिलाकर एक्जिमा पर लगाए इस प्रयोग को एक दिन में तीन से चार बार तक करे, इस घरेलु नुस्खे से अत्यंग लाभ होगा.

Eczema Ayurvedic Ilaj

  • आयुर्वेदिक इलाज – खुजली होने पर उसपर नीम की निबोली या नीम तेल लगाए, नीम की पत्तियों को पीसकर उसका रस भी लगा सकते है.
  • एक कप पानी में 1-2 चम्मच हल्दी मिलाकर उसे गर्म करे और इस एक कप पानी को नाहने के पानी में डालकर स्नान करे, यह सरल घरेलु उपाय एक्जिमा को फैलने से रोकेगा व एक्जिमा को भी ख़त्म करेगा.
  • त्रिफला, शुद्ध गंधक, नागकेसर, इलाइची, तेजपात और दालचीनी सभी को 15-15 ग्राम लेकर काढ़ा बनाये. फिर उसमे गिलोय का रस, बहेड़ा और आंवला फिर से 10-10 ग्राम डालें. इसके बाद इसमें 30 ग्राम अदरक का रस मिलाकर और सभी औषधि को आठ भावनाये दें. बाद में छाया में सुखाकर चूर्ण बना लें. रात को सोने से पहले 10 ग्राम चूर्ण मिश्री मिले दूध के साथ सेवन करते रहने से लाभ मिलता हैं.
  • 1 चम्मच त्रिफला का चूर्ण एक चम्मच शहद में मिलाकर सुबह शाम 2 महीने तक सेवन करने रहने से रोग हमेशा के लिए चला जाता हैं.
  • हरड़ 50 ग्राम, कमीला 50 ग्राम, 10 ग्राम मुर्दासंग, 10 ग्राम आंवला चूर्ण, 30 ग्राम सुहागा खिल और 5 ग्राम कपूर का रस सबको लेकर 25 ग्राम वैसलीन में मिलाकर सुबह शाम एक्जिमा वाले स्थान को निम् के पानी से धोकर दिन में 2-3 बार लगाते रहने से शीघ्र लाभ होता है.
  • एक्जिमा का इलाज में नीम और मजीठ सामान मात्रा में लेकर इसका काढ़ा बनाकर सुबह शाम कुछ दिनों तक पिने से यह रोग जड़ से नष्ट हो जाता हैं.
  • नाहते समय नीम का सबन प्रयोग करे और सारे शरीर पर नीम के तेल की मालिश करे. नीम के पत्तों को पानी में डालकर अच्छे से उबाले और उस पानी के ठन्डे हो जाने पर नाहये इससे भी रामबाण लाभ होता है, नीम के पानी का स्नान भी असरदार उपाय है.
  • नीम की छाल, पीपल की छाल, मंजीठ, नीम पर चढ़ी गिलोय सभी 10-10 ग्राम लेकर इसमें 250 मिली. पानी डालकर मंदी आग पर पकाकर काढ़ा बना लें. आधा-आधा कप काढ़ा सुबह शाम पीते रहने से रोग जड़ से ख़त्म हो जाता हैं. इस प्रयोग को करते समय तेल खटाई तेज मिर्च मसाले का परहेज करे.
  • दो ग्राम हरड़ का चूर्ण दोनों समय खाना खाने के बाद ताजे पानी से सेवन करने से अत्यंत लाभ होता हैं.
  • एक्जिमा के आकार को नीम की पत्तियों व हल्दी को पानी में उबालकर पानी को छानकर उसमे धोना चाहिए. इससे उसके सारे जीवाणु नष्ट हो जायेंगे और लाभ होगा (eczema in homeopathy).
  • हल्दी को कूटकर सरसों के तेल में देर तक पकाये. अब हल्दी जल जाए तो उसे तेल को छानकर दिन में दो तीन बार एक्जिमा पर लगाए. कुछ ही दिनों में एक्जिमा नष्ट होने लगेगा.
  • बांस के कोमल पत्तो को हल्दी का चूर्ण मिलाकर गोमूत्र में पीस लें. इस लेप को एक्जिमा पर लगाने से बहुत लाभ होता है.
  • एक्जिमा ठीक करने के उपाय में दारू हल्दी, गिलोय, मजीठ, नीम की छल, वाच, कुटकी, त्रिफला सभी चीजें बराबर मात्रा में लेकर थोड़ा-सा कूटकर पानी में उबालकर क्वाथ यानि काढ़ा बनाये. इस क्वाथ को छानकर दिन में दो तीन बार पिने से एक्जिमा से मुक्ति मिलती है.
  • हल्दी को कूट-पीसकर इसमें शहद मिलाये और छोटी-छोटी गोलियां बना लें. इन गोलियों को रोजाना सुबह शाम चूसकर खाये एक्जिमा की बीमारी जड़ से नष्ट होगी, खून की खराबी भी दूर होगी, यह गोलिया एक्जिमा की दवा की तरह उपयोगी होती है.
  • टमाटर का रस भी रोजाना सुबह के समय पिया जाए तो एग्जिमा में बहुत फायदा होता हैं.

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एक्जिमा में क्या नहीं खाना चाहिए

एक्जिमा में तेल की बनी ज्यादा चीजे, फ़ास्ट फूड्स, तेज मसालेदार भोजन, ऑयली फूड्स आदि बिलकुल भी न खाये. और टाइट कपडे न पहने, एक्जिमा के स्थान को अच्छे से साफ़ पानी से धोये, खुजल चलने पर बार-बार न खुजली व जिस हाथ से खुजला हो उस हाथ को अच्छे से धोले क्योंकि यह छुआछूत का रोग होता है शरीर में और जगह भी फेल जाता है.

  • इस पोस्ट के अगले तीन पेज भी जरूर पड़ें, इनमे भी और कई तरह के उपाय बताये है. आप एक-एक बार इन तीनो को पूरा जरूर पड़ें.
  • Page – 1 
  • Page – 2 
  • Page – 3 

दोस्तों ऊपर बताये गए पोस्ट जरूर पड़ें. जल्दबाजी न करे, बाकी यहाँ दिए गए नुस्खों पर भी पूरा ध्यान दें. इन्हे रोजाना करे और फिर हमे जरूर बताये की क्या आपको इन से लाभ हुआ या नहीं. दूसरी बात कपड़ो के पहनावे पर पूरा ध्यान दें टाइट कपडे न पहने और शरीर को खुली हवा लगने दें.

इस तरह आप इन एक्जिमा का इलाज के उपाय और दवा, skin eczema treatment in Hindi कर सकते सकते है, यह देसी उपचार आपको बहुत ही लाभ करेगा. तली गली चीजे, खटाई, साबुन आदि के प्रयोग में वफादारी बरते व नियमित रूप से इन घरेलु उपाय का प्रयोग करते है. इसके अलावा इस पोस्ट के पिछले पेज भी पड़ें, ऊपर पेज पर क्लिक करे.

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