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(फेफड़ों) लंग कैंसर के लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज के घरेलु उपाय

लंग फेफड़ों का कैंसर का इलाज फेफड़ों का कैंसर काफी तेजी से फैलता जा रहा हैं इससे अमेरिका में पिछले सालों में कई महिलाओ व पुरुषों की मृत्यु हुई हैं.

इस रोग में हमारे श्वसन तंत्र में फेफड़ों की कोशिकाएं फैलने लगती हैं जिससे धीरे-धीरे फेंफड़ों में कैंसर बन जाता हैं. यह अत्यधिक धूम्रपान,करने से होता है इसके साथ और भी अन्य कई कारण होते हैं, हम इसके बारे में आपको विस्तार पूर्वक बताएंगे.

एक रिसर्च में पता चला है की यह ज्यादातर उन लोगों को होता हैं जिनकी उम्र 40 साल से ज्यादा की होती हैं. दूसरी बात यह हैं की लंग कैंसर के लक्षण तब दिखाई देते हैं जब यह रोग पुरे शरीर में फेल जाता हैं.

ऐसे में लंग कैंसर के ट्रीटमेंट में रोगी के पास ज्यादा समय नहीं बचता, इस रोग को पुरे शरीर में फैलने में कई साल लग जाते हैं तब जाकर यह लक्षण दिखाने शुरू करता हैं lung cancer treatment in Hindi.

  • पोस्ट को आराम से पूरा ध्यान से पड़े.

कारण

  • धूम्रपान – ज्यादातर फेंफड़ों का कैंसर स्मोकिंग धूम्रपान करने वालों को ही होता हैं.
  • गंदगी से भरे स्थान में रहने व प्रदूषित स्थान पर काम करने से
  • रेडियोएक्टिव गैस राडोण के संपर्क से
  • फेफड़ों का कोई भी सामान्य रोग होने पर उसका इलाज नहीं करवाया जाए तो वह लंग कैंसर में बदल सकता हैं यह भी एक कारण हो सकता हैं
  • तम्बाकू गुटका खाने से भी यह रोग होता हैं
  • कोयले के धुए में सांस लेने से भी यह रोग जन्म लेता हैं
  • अत्यधिक शराब पिने से
  • एस्बेस्टोस में काम करने वाले लोगों को फेंफड़ों का कैंसर होने का खतरा ज्यादा रहता हैं
  • कारखानों में काम करने वाले मजदूरों को भी इसका खतरा बना रहता हैं

एक नजर से देखा जाए तो वह सभी चीजे जो हमारे फेंफड़ों को नुकसान पहुंचाती हैं लंग कैंसर का कारण बनती हैं. इसके लिए आपको प्रदुषण से बचे रहना चाहिए, ताज़ा हवा लेनी चाहिए, धूम्रपान बंद कर देना चाहिए.

 फेफड़ों का कैंसर के लक्षण

लंग कैंसर का इलाज

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लक्षण

  • तीन सप्ताह से ज्यादा तक खांसी बानी रहती हैं
  • मुँह के थूक में खून आना
  • जी घभराना
  • निमोनियां हो जाना और इलाज पर देरी से ठीक होना
  • शरीर की हड्डियों में दर्द बना रहना
  • खांसी में खून आना
  • वजन का कम होना
  • भोजन करते समय उसे निगलने में परेशानी आना
  • मुंह गर्दन में सूजन आने लगती हैं
  • फेंफड़ों के क्षत्रिग्रस्त होने से छाती में दर्द होना
  • बार-बार खांसी आना
  • सांसे लेने में परेशानी होना
  • भूख नहीं लगती हैं
  • आवाज़ बदल जाती हैं

आदि यह सभी आम लक्षण हैं. यह सभी लक्षण लंग कैंसर के होने के सालों बाद नजर आने लगते हैं.

फेफड़े का कैंसर से बचाव

  • मूंगफली लंग कैंसर में बहुत ही लाभकारी होती हैं, इसके सेवन से फेंफड़े मजबूत होते हैं. जिससे रोगी को बहुत लाभ मिलता हैं. इसके लिए रोगी को रोजाना मूंगफली खाना चाहिए, इसमें मूंगफली के ऊपर जो लाल परत रहती है उसे नहीं खाना चाहिए, उस परत को निकालकर मूंगफली का सेवन करना चाहिए. इसके सेवन के 40 मिनट बाद तक रोगी को पानी नहीं पीना चाहिए. यह छोटा सा प्रयोग लंग कैंसर का बचाव करता हैं इस बात को वैज्ञानिक भी मानते हैं.
  • लहसुन का सेवन भी फेंफड़ों का कैंसर होने से बचाता हैं. इसके लिए रोगी को सप्ताह में दो तीन दिन कच्चे लहसुन खाने चाहिए. वैज्ञानिकों की शोध के मुताबिक जो सप्ताह में लहसुन का दो तीन बार सेवन करता हैं उसे लंग कैंसर होने का खतरा 40% तक कम हो जाता हैं.
  • इसलिए लंग कैंसर के उपचार में लहसुन का प्रयोग जरूर करना चाहिए. अगर आपको लंग कैंसर नहीं हैं और आप धूम्रपान करते हैं तो भी आप इस प्रयोग को करे ताकि आपके फेंफड़े स्वस्थ रहे और उनमे कोई संक्रमण पैदा न हो.

भोजन :

  • फेंफड़ों के कैंसर में रोगी को हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए, कच्ची सब्जी, मौसमी फल, साबुत अनाज, फलों व सब्जी की सलाद आदि के सेवन से फेंफड़ों का स्वास्थ्य ठीक होता हैं. साथ ही रोगी को साफ़ पानी भरपूर मात्रा में पीना चाहिए.
  • बादाम से परहेज करना चाहिए. इसके अलावा मौसमी फलों का रस और दुपहर के समय खट्टे फलों का रस लेना चाहिए, फेंफड़ों के कैंसर यह खाना चाहिए सकारात्मक लाभ होता है.
  • लाल मांसाहारी भोजन से बचे, चीनी शक्कर का सेवन भी न करे, इन दोनों के सेवन से कैंसर की कोशिकाएं शरीर में बनने लगती हैं.
  • धूम्रपान को बिलकुल छोड़ दें, फेंफड़ों के कैंसर से बचने के लिए रोगी को बीड़ी, सिगरेट, शराब आदि से बचना चाहिए.
  • और रोगी को वह सभी आहार लेना चाहिए जिनमे विटामिन D भरपूर मात्रा में मिलता हो, क्योंकि विटामिन D से फेंफड़े मजबूत होते हैं. इसके लिए रोगी को धुप स्नान और सूरज की रोशनी में कपडे खोलकर बैठना चाहिए.
  • लंग कैंसर के रोगी को दिन में दो बार ग्रीन tea का सेवन करना चाहिए.
  • नोनी फल का सेवन करना चाहिए इसका रस और सीधा इसे खाने से लंग कैंसर के रोगी को अत्यंत लाभ होता हैं
  • रेड वाइन पीना भी फेंफड़ों के कैंसर में लाभ देता हैं, इसके लिए रात को भोजन के साथ रेड वाइन का सेवन करना चाहिए
  • सीवीड (Seaweed) में घावों को भरने की अद्भुत क्षमता होती हैं, इसके सेवन से फेंफड़ों में हुए नुकसान की भरपाई होती हैं. इसलिए यह लंग कैंसर के उपचार में रामबाण होता हैं.
  • अलसी के बीज का सेवन और अलसी का तेल भी इस रोग में लाभदायक होता हैं, किसी भी रूप में रोजाना रोगी को इसका सेवन करना चाहिए.
  • घरेलु उपाय तालाब की मछलियां जैसे रेवा, चचेड़ा, मांगुर और समुद्र की मछलियां जैसे prawn आदि का फेंफड़ों के रोग को नियमित रूप से सेवन करना चाहिए, क्योंकि इनमे कॉड आयल पाया जाता हैं इसलिए यह लंग कैंसर में जबरदस्त असरकारी होता हैं.

मेडिकल ट्रीटमेंट

कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, सर्जरी आदि इन सभी के जरिये डॉक्टर लंग कैंसर को ख़त्म करने की कोशिश करते हैं इनमे से वह कई रोगियों को बचा भी लेते हैं लेकिन जिन रोगियों का रोग अत्यधिक गंभीर हो जाता हैं उनको बचाने का कोई उपाय अभी तक नहीं निकला हैं. वैज्ञानिकों से उम्मीदे लगाई जा सकती हैं की भविष्य में इन रोगों का उपचार खोज ले.

बताये गई जानकारी में फेफड़ों का कैंसर के लक्षण, lung cancer ka upay अपने नजदीकी चिकित्सक से मिले और इस बारे में जांच भी करवाए. टीबी के लक्षण भी फेफड़ों के कैंसर से मिलते जुलते हैं ऐसे में रोगी को checkup करवाते वक्त विशेष ध्यान रखना चाहिए की उसे असल में कौन-सा रोग हुआ हैं.

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