कब्ज मिटाने के सरल उपचार 10 आयुर्वेदिक व देसी उपाय

कब्ज आधुनिक समाज का एक महारोग हैं. इसीलिए ज्यादातर डॉक्टर्स कब्ज मिटाने के सरल उपचार करने की सलाह देतें हैं. यह एक ऐसा रोग हैं जिससे शायद ही कोई अपने जीवन में बच पाता हो. इससे सिर्फ स्वास्थ्य नियमों को अपनाने वाला ही इस रोग से बच पाता हैं.

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मेडिकल दवाई कब्ज रोग का निदान नहीं हैं. अधिकतर व्यक्ति सामान्य रूप से स्वीकार ही नहीं करता की उसे कब्ज हैं. (अच्छी भूख नहीं लगना भी कब्ज की श्रेणी के अंतर्गत आता हैं). किन्तु इसका एहसास इसके र ही ज्ञात होता हैं.

सामान्य व्यक्ति को भी कब्ज रहता हैं, अभी के आज के युग के व्यक्तियों की बात की जाए तो ऐसे बहुत कम ही व्यक्ति मिलेंगे जिनको कब्ज रोग नहीं हैं. क्योंकि अभी इस युग में कब्ज हर एक व्यक्ति को छोटे रूप में होता ही हैं. कब्ज यानी पेट की आंतों में मल का इकट्ठा होना होता हैं, और यह हर एक व्यक्ति की आंतों में जमा रहता हैं, फर्क सिर्फ मात्रा का होता हैं.

जिनकी आंतों में मल ज्यादा मात्रा में इकट्ठा हो जाता हैं, उन्हें कब्ज का रोग भारी रूप में हो जाता हैं. (ऐसे रोगी को कब्ज का उपचार करने में देरी नहीं करना चाहिए इन हिंदी) और जिन व्यक्तियों की आंतों में मल कम मात्रा में जमा होता हैं, उन्हें कब्ज का एहसास ही नहीं होता. लेकिन यह शरीर को नुकसान तो करता ही हैं.

कब्ज मिटाने के सरल उपचार

कब्ज एक ऐसा रोग हैं जो शुरुआत में नजर नहीं आता, फिर वक्त के साथ-साथ बढ़ता जाता हैं. और कई घातक बिमारियों को निमंत्रण देता जाता हैं. इसीलिए कब्ज का आयुर्वेदिक उपचार भी कर लेना चाहिए. यही कारण हैं की आज के मानव की उम्र घटती जा रही हैं. आंतों में मल का रुकना कोई सामान्य घटना नहीं हैं, यह एक महारोग की शुरुआत होती हैं.

जिस तरह हम आहार का ध्यान रखते हैं. उतना ही उसके निष्कासन मल विसर्जन का भी ध्यान रखना चाहिए. ज्यादातर हम एक दिन 24 घंटे में ही कई बार भोजन कर लेते है, लेकिन शौच मल निष्कासन के लिए दिन में सिर्फ एक बार ही जाते हैं. इस बिच पेट में रुका हुआ यह मल शरीर को बहुत क्षति पहुंचता हैं.

कब्ज का अगर समय पर उपचार कर अपने पाचन को स्वस्थ कर लिए जाए तो हम रोगों के आने के द्वार को बंद कर देते हैं. यदि व्यक्ति को कब्ज हैं तो निश्चित मानिये की गंभीर रोग शीघ्र ही शरीर को अपना शिकार बनाने वाले हैं. इस लिए कब्ज को अनेक रोगों की नानी कहते हैं.

“कब्ज आज का एक महारोग हैं” कब्ज केवल आयुर्वेदिक दवाइयों व फॉर्मूलों का सेवन करने से भी दूर नहीं होती. यह दवाइयां व फॉर्मूले कुछ दिनों के लिए राहत तो दे देते हैं. किन्तु शरीर की पाचन प्रणाली को बिगाड़ देते हैं. इस लिए रेचक दवाइयों का सेवन करने वालों के मुंहे से अत्यधिक बदबू  आती हैं.

कब्ज से तो केवल वही बचा रहता हैं, जो तनाव नहीं पालता हैं. और जो पर्याप्त शारीरिक श्रम करते हुए प्राकृतिक नियमों का पालन करता हैं. कब्ज की वजह से अधिकतम रोग होते हैं.

Kabj Mitane Ke Upay Batao Kya Hai

कब्ज का उपचार करने वालों के अनुभव से कब्ज को दूर करने के लिए उन्होंने अपनी जीवन शैली में यहाँ बताई जा रहे परिवर्तन किये और उन्हें इस रोग से मुक्ति मिली. यह कब्ज के निदान के अनुभूत प्रयोग हैं. जिन के माध्यम से कब्ज से ही मुक्ति नहीं मिलती हैं, बल्कि हम श्रेष्ट स्वास्थ्य के मालिक बन जाते हैं.

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इसलिए यह कहावत प्रचलित हैं की “जै बार खाना, तैं बार पाखाना” (यानी जितनी बार भोजन करोगे, उतने ही बार मल विसर्जन करना पड़ेगा)

सिर्फ भूख लगने पर ही भोजन करे

भोजन करने का सबसे प्रमुख महत्वपूर्ण सूत्र हैं की बिना भूख के भोजन कभी न करे. भूख नहीं लगना इस बात का सूचक हैं की पाचन संसथान द्वारा पाचक रसों का निर्माण नहीं किया जा रहा हैं. क्योंकि जानवर भी बिना भूख के भोजन नहीं करते तो हम बिना भूख के भोजन क्यों करते हैं ?? क्योंकि बिना भूख के भोजन जहर के सामान हो जाता हैं और रोग की नीव रख देता हैं.

जब भूख न लगे तो भोजन न करने से पाचक अंगों को विश्राम मिलता हैं और वे पुन: पूर्ण क्षमता से कार्य करने लगते हैं और शरीर कब्ज से मुक्त हो जाता हैं. इसलिए प्राचीन समय में उपवास को इतना महत्व दिया जाता था. क्योंकि उपवास करने से शरीर के पाचन अंगों को विश्राम मिलता हैं, जिससे यह अंग और शक्ति शाली हो जाते हैं.

संतरे के रस से उपवास करे

अगर आपको पुराणी कब्ज हैं या कभी भी कब्ज की शिकायत हो जाती हैं तो इसके लिए कब्ज का यह उपचार करे इन हिंदी में. आपको सिर्फ सप्ताह में एक दिन उपवास करना हैं, इसके लिए फलों के रस का उपयोग करना चाहिए. जैसे नारंगी का रस Orange juice आदि. इस रस के साथ एक दिन उपवास करने से पेट के सभी रोग ख़त्म हो जाते हैं (कब्ज मिटाने के सरल उपचार).

कब्ज से मुक्ति पाने के कुछ स्वर्णिम अनुभूत प्रयोग हैं जिन्हें अपनाकर सिर्फ कब्ज से ही नहीं बल्कि हर तरह के पेट के रोग से पूर्ण मुक्ति मिलती हैं.

भोजन चबा-चबाकर खाये

भोजन के प्रत्येक कौर को 32 बार चबाये, क्योंकि भोजन carbohydrates का पाचन मुंह से ही प्रारम्भ हो जाता हैं. अगर भोजन के प्रत्येक कौर को 32 बार चबाते हैं तो कब्ज में चमत्कारिक लाभ होता हैं. ऐसा करने से भोजन करने के बाद ज्यादा आलस्य नहीं आते व भोजन को पचने में ज्यादा समय भी नहीं लगता हैं.

इसीलिए डॉक्टर आदि भोजन को 32 बार चबा कर खाने की सलाह देतें हैं. यह एक छोटी सी आदत आपको कई गंभीर रोगों से बचा सकती हैं. भोजन को चबाकर खाने से आप ज्यादा भोजन नहीं कर पाते, जिससे मोटापा नहीं बढ़ता हैं.

क्योंकि कम भोजन से ही आपके शरीर की तृप्ति हो जाती हैं. साथ ही मानसिक क्षमता भी बढ़ती हैं. जिन लोगों को ज्यादा गुस्सा आता हैं, उनका गुस्सा भी कम होने लगता हैं आदि. भोजन को चबा-चबाकर खाने के कई चमत्कारिक लाभ होते हैं, इससे कब्ज का घरेलु उपचार भी हो जाता हैं इन हिंदी आयुर्वेदिक.

कब्ज मिटाने के उपाय

कब्ज के लिए चटनी खाये

भोजन में पर्याप्त सलाद व चटनी का प्रयोग करे. ताकि शरीर को रेशेदार खाद्य व क्षारीय आहार प्राप्त हो सके एवं मल विसर्जन प्रक्रिया तेज हो सके. यही वजह थी की प्राचीन समय में भोजन के साथ चटनी का सेवन किया जाता था. ऐसे करने से भोजन को पचाने वाला रस ज्यादा बनता हैं, जिससे भोजन जल्दी से व अच्छी तरह से पच जाता हैं.

इसके साथ ही भोजन में अचार का इस्तेमाल कम कर दें, अचार की जगह घर की बनाई हुई चटनी का उपयोग करे. यह स्वास्थ्य के लिए कई लाभ देंगी. क्योंकि अचार स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद तो होता नहीं बल्कि यह शरीर को नुकसान पहुंचता हैं. यह मनुष्य की सम्भोग शक्ति वीर्य को प्रभावित करता हैं, इसलिए आयुर्वेदा में अचार का उपयोग करने से माना किया गया हैं.

पैदल टहले 

रोजाना सुबह मजबूत तले वाले जूते पहनकर 30 45 मिनट या अपनी क्षमता के अनुसार मौसम के अनुकूल कपडे पहनकर पैदल चलने से पाचन प्रणाली पर चमत्कारिक लाभ होता हैं. शरीर में तजा हवा प्रवेश करती है और साथ ही भोजन प्रणाली की कसरत भी हो जाती हैं.

सुबह के समय पैदल घूमने या तेज दौड़ने से आंतों में फंसा हुआ मल भी प्राकृतिक रूप से बाहर निकलने लगता हैं. इसीलिए सुबह घूमना भी कब्ज के लिए उपचार में गिना जाता हैं. यह और भी कई शारीरिक रोगों से रक्षा भी करता हैं.

रात्रि भोजन के एक घंटे बाद धीमी गति से पंद्रह मिनट तक पैदल टहलें. ऐसा करने से दो फायदे होंगे. पहला – खाना जल्दी से पच जाएगा, जिससे आपको कब्ज के उपचार में रामबाण लाभ होंगे. दूसरा – पैदल चलने से थकान होगी, और इस थकान से आपको गहरी नींद आएगी, आपकी भोजन प्रणाली बिलकुल स्वस्थ हो जायेगी.

छाछ का सेवन करे पुरानी कब्ज नहीं होगी

सप्ताह में एक दिन केवल ताज़ी छाछ का ही सेवन करे. छाछ में नमक या अन्य कोई सामग्री नहीं मिलाये, ध्यान रहे की सूर्य अस्त के बाद छाछ का सेवन कदापि न करे. इसके साथ ही सुबह के भोजन के साथ एक कप छाछ या दही का सेवन जरूर करना चाहिए, ऐसा करने से कब्ज के रोग में बहुत लाभ होता हैं.

भोजन के दौरान एक ग्लास से ज्यादा पानी का सेवन नहीं करे. यदि हो सके तो भोजन के साथ एक गिलास ताज़ी छाछ का प्रयोग किया जा सकता हैं. भोजन के एक घंटे बाद व एक घंटे पहले पानी का सेवन किया जा सकता हैं. इसके अलावा भोजन करते वक्त बार-बार पानी न पिए, ऐसा करने से पाचन ख़राब होता हैं और किये हुए भोजन के गुण भी ख़त्म हो जाते हैं.

छोटी हरड़ को थोड़ी सी घी में फुलाकर रख लें. एक हरड़ दिन में मुंह में रख कर चूसें .

स्थायी उपचार –  बीट रुट व गीले नारियल को किस लें इसमें थोड़ा सा गूढ़, निम्बू, काला नमक व काली मिर्च मिला लें. भोजन करने के पूर्व इसकी 100 ग्राम मात्रा को सलाद के रूप में सेवन करे. (कब्ज़ का घरेलु हिंदी में उपचार आयुर्वेदिक).

रात्रि को सोने से पहले पेट पर नाभि किसी भी खाद्य तेल से क्लॉक वाइस एंटी क्लिक वाइस हलकी मसाज करे. इससे आंतो की मल विसर्जन प्रक्रिया में तीव्रता आकर मल विसर्जन के समय में कमी आती हैं. यानी पूरी तरह से मल का विसर्जन करने में आसानी होती हैं.

कब्ज में यह खाये – Constipation Upchar

रात्रि को भोजन में दालों प्रोटीन युक्त आहार को न्यूनतम मात्रा में लेवे. यदि पाचन प्रणाली कमजोर हैं तो दालों का सेवन कदापि न करे. रात्रि को आठ बजे के पहले ही भोजन कर लें. देर रात को भोजन करने पर वह ठीक से पच नहीं पाता, ऐसा करने से कब्ज की शिकायत हो जाती हैं.

इसलिए रात को सोने से 3 घंटे पहले ही भोजन कर लेना चाहिए. यह कब्ज का प्राकृतिक उपचार हैं. ज्यादातर आज के व्यक्तियों को इसी वजह से कब्ज की शिकायत होती हैं. इसलिए यह नियम याद रखे.

कब्जियत के दौरान ऐसा भोजन करे जो की भारी न हो, यानी सात्विक भोजन करे. अगर आप भारी भोजन करेंगे तो कब्ज और बढ़ेगी, भारी भोजन कब्ज को और बढ़ाता हैं. इस बिच फलों का रस पिए व ज्यादा तली हुई मसलों से युक्त चीजों का सेवन नहीं करे.

बासी भोजन करने से बचे

स्वस्थ जीवन का राज हैं “ताजा भोजन” बासी भोजन रोगों को सीधा आमंत्रण देना हैं. उपवास के माध्यम से शरीर विजातीय द्रव्यों से मुक्त होता हैं. उपवास करने के बाद पाचन प्रणाली अपनी पूर्ण क्षमता से कार्य करने लग जाती हैं. इसके साथ ही एक समय में एक ही प्रकार का अनाज सब्जी व फल करना चाहिए. खाने के पहले देखें की भोजन स्वास्थय के लिए अनुकूल हैं की नहीं . तभी भोजन करना चाहिए.

कब्ज या पाचन में कमजोरी होने पर रोटी पालक मेथी या लोकि खाये, दुर्बल व्यक्तियों के लिए फल व मलाई निकाला हुआ दूध श्रेष्ट आहार हैं. भोजन के तुरंत बाद 1 घंटे तक कोई कठिन शारीरिक व मानसिक श्रम नहीं करना चाहिए. प्रत्येक भोजन के बाद छह घंटे का अंतर व फलों के सेवन के बाद तीन घंटे का अंतर होना चाहिए.

अभी तक हमने नई पुरानी कब्ज के सरल घरेलु उपचार बताये हैं. यह ऐसे आयुर्वेदिक उपाय हैं जिनको आपको बिलकुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इनको ध्यान में रख कर अगर आप अपना जीवन व्यतीत करेंगे तो आपको किसी भी तरह का रोग नहीं सता पायेगा. अब पढ़िए कब्ज़ा का उपचार करने के लिए कुछ आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे के बारे में.

  • कब्जियत के उपचार के लिए रोगी को जितना हो सके फलों का सेवन करना चाहिए
  • रोजाना भोजन सुबह के समय खली पेट एक सेब खाये, यह कब्ज को दूर करेगा.
  • एक नीबू को एक गिलास पानी के साथ रोजाना सुबह व शाम लें, आंतों में जमे मल को निकलने में मदद करेगा.
  • कब्ज से बचने का उपाय – रात को सोते समय गर्म दूध में अरंडी का तेल मिलकर पिए, आंतों में फंसा मल सुबह पूरी तरह से बाहर आजायेगा.
  • इसबगोल कब्ज में बहुत लाभ देती हैं, इसके लिए 100 ग्राम दही में करीबन 10 ग्राम इसबगोल की भूसी मिलकर खाये. नई व पुरानी कब्ज का बड़ी आसानी से आयुर्वेदिक उपचार हो जाएगा.
  • रोजाना भोजन के साथ दही या फिर छाछ का सेवन करे, रोजाना इनका सेवन करने से कभी भी पेट का रोग नहीं होगा.
  • अंजीर भी पुरानी से पुरानी कब्ज को खोलने में बहुत असरकारी होता हैं. इसके लिए रोजाना रात को 1 गिलास दूध मे 2-3 अंजीर डालकर खूब उबले फिर इसे रात को सोने से पहले पि जाए. सुबह बहुत राहत मिलेगी.
  • पत्ता गोभी व पालक के रस का सेवन करे
  • कच्चे शलगम का सेवन करे, यह कब्ज में पेट साफ़ करने में बहुत फायदेमंद होगा

नई पुरानी कब्जियत के उपचार के लिए इन बातों पर खास ध्यान दें

  • रोजाना एक समय पर भोजन करे
  • रात को सोने से पहले 3 घंटे पहले ही भोजन कर लेना चाहिए
  • भोजन के दौरान हर एक कौर को अच्छे से बारीक चबा-चबाकर खाना चाहिए
  • भूख लगने पर ही भोजन करे, बिना भूख के भोजन से कई नुकसान हो सकते हैं
  • भोजन के दौरान बार-बार पानी न पिए, बल्कि भोजन करने के 30 मिनट बाद पाने पि सकते हैं
  • रोजाना सुबह व शाम को घूमने जाए
  • शारीरिक श्रम की मात्रा बढ़ाये, जितना अधिक शारीरिक श्रम करेंगे उतना ही आप रोगों से बचे रहेंगे
  • मल विसर्जन – जब भी आपको लगे की मुझे लेटरिंग आ रही हैं, तो उसी समय मल विसर्जन के लिए चले जाए.
  • लेटरिंग आने पर उसे रोकने से कब्ज और तेजी से बढ़ता हैं, साथ ही इसके कई दुष्परिणाम होते हैं. कई गंभी बीमारियां जन्म ले सकती हैं.

अगर आप कब्ज के उपचार में घरेलु नुस्खों का उपयोग करना चाहते हैं तो यह लेख पढ़ें. इसमें हमने करीबन “51 आयुर्वेदिक व देसी नुस्खे” बताये हैं. इनके जरिये आप बड़ी आसानी से कब्ज से छुटकारा पा सकते हैं. इन्हें एक बार जरूर पड़ें.

बाबा रामदेव का उपचार

कब्जियत के लिए योगासन भी बहुत फायदेमंद होता हैं, यह पेट की अंतड़ियों का व्यायाम करता हैं. जिससे उनकी शक्ति व भोजन को पचाने की क्षमता बढ़ती हैं. गैस, एसिडिटी आदि में भी योग और प्राणायाम बहुत फायदेमंद होते हैं. यह पेट में तजा ऑक्सीजन पहुँचाने में मदद करते हैं जिससे पूरा दिन ऊर्जावान हो जाता हैं.

कब्ज को दूर करने के लिए आप बताये जा रहे योगासन और प्राणायाम करे. रोजाना सुबह के समय 10-15 मिनट का समय निकाले. (बेहतर होगा अगर आप सुबह 6 बजे ही यह योग करे). निचे दिए जा रहे यह चार योग करने से आपको कब्ज में बहुत लाभ होगा बाबा रामदेव.

  • सूर्य नमस्कार करे
  • पवनमुक्तासन योग करे
  • कपालभाति प्राणायाम करे
  • भस्त्रिका प्राणायाम करे
  • उडियाना बंध लगाए

क्या आपको यह जानकारी अच्छी लगी

तो दोस्तों अगर आप नए पुरानी कब्ज के लिए उपचार करना चाहते हैं तो बताये गए सभी उपायों पर पूरा ध्यान दें. और इन कब्ज मिटाने के सरल उपचार को करे बाकी अपनी जीवन शैली को इन नियम के मुताबिक ही जिए. ऐसा करने से सिर्फ कुछ ही दिनों में आपको कब्ज से छुटकारा मिल जाएगा. बेशक शुरुआत में आपको आलस्य आएंगे, लेकिन आप इन आलस्य को नजरअंदाज करे.

आयुर्वेद एक असरकारी तरीका है, जिससे आप बिना किसी नुकसान के बीमारी को ख़त्म कर सकते है। इसके लिए बस जरुरी है की आप आयुर्वेदिक नुस्खे का सही से उपयोग करे। हम ऐसे ही नुस्खों को लेकर आप तक पहुंचाने का प्रयास करते है - धन्यवाद.