मुंह चहरे पर लकवा लगना और घरेलु उपाय – Facial Paralysis

facial paralysis in hindi, face paralysis in hindi, face paralysis images
Sending
User Review
5 (1 vote)

चहरे मुंह का लकवा का इलाज के बारे में मुंह पर पैरालिसिस (पक्षाघात) लगने से मुंह का एक अंग निष्क्रिय होकर एक तरफ लटक जाता हैं. कई रोगियों के मुंह से थूक गिरता रहता, वह उसे रोक भी नहीं पाता आदि यह बहुत ही भद्दा हैं. रोगी का चहरे कुरूप सा हो जाता. आइये जाने आगे इसे के बारे में.

इसमें मुखमण्डल (मुंह) के एक तरफ का भाग जड़ होकर घूम जाता हैं. चहरे का एक ओर का कोना निचा दिखने लगता हैं, एक तरफ का गाल ढीला हो जाता हैं. होंठों से थूक बिना इच्छा के गिरता रहता हैं, तथा रोगी थूक सीधा नहीं फेंक सकता. संस्कृत में इस रोग को मुख पक्षाघात कहते हैं. आर्दित भी इसी रोग का नामान्तर हैं.

यह रोग मस्तिष्क के बिगाड़ के कारण होता हैं. इस रोग में चहरे के एक और मांसपेशियों पर ही हमला होता हैं. बोलना, हंसना, खाना पीना और मुख का सञ्चालन आदि सब बंद हो जाता हैं. आंख भी कभी कभी मीच सि जाती हैं. मुंह के लकवे के लगने पर रोगी चहरे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं कर पाता उसका चेहरा पूरी तरह निष्क्रिय हो जाता हैं.

मुंह का लकवा, face paralysis in hindi, facial paralysis treatment in hindi, मुखमण्डल का लकवा

चहरे मुंह का लकवा के लक्षण

Muh Par lakwa

  • चहरे पर लकवा लगना : इस रोग के होने से पहले चहरे की हड्डियों में दर्द प्रतीत होता हैं और चहरे की त्वचा की स्पर्श शक्ति कम हो जाती हैं. मुख का आधा भाग बहुत फड़कने लगता हैं. मल कभी गाढ़ा, कभी पतला निकलने लगता हैं.

facial paralysis in hindi, face paralysis in hindi, face paralysis images

  • रोगाक्रान्त होने वाला मुख का भाग भारी और स्फीतियुक्त हो जाता हैं, यानी मुंह के जिस और लकवा लगने वाला हैं वह हिस्सा भारी और निष्क्रिय मालूम होने लगता हैं, चहरे का रंग बदलना शुरू हो जाता हैं. उसके बाद सिर कांपने लगता हैं. बोली अस्पष्ट निकलने लगती हैं. नाक, आंख, भौं तथा गाल में वेदना होती हैं और ये अंग टेड़े हो जाते हैं.
  • निचे के होंठ ज्यादा दर्द करते हैं. रोग की ओर की गर्दन, ठोड़ी, दांत पीड़ायुक्त हो जाते हैं. रोगाक्रान्त भाग का खून, स्नायु, नसें, सुखकर सिकुड़ जाती हैं. बोलते समय रोगी के नेत्र स्तब्ध हो जाते हैं. छींक आने को होती हैं, पर छींक बाहर आती ही नहीं.
  • जीभ दुर्बल होकर बाहर निकल आती हैं. कान में कम या बिलकुल सुनाई नहीं देता. सारे के सारे दांत चलायमान हो जाते हैं.
  • कभी कभी रोगी का चेहरा पीला पड़ जाता हैं. कभी ज्वर चढ़ जाता हैं. प्यास बहुत लगने लगती हैं. बेहोशी छा जाती हैं.
  • दोनों होंठ आपस में मिल नहीं पाते. कभी कभी एक आंख बंद ही नहीं होती और सोते समय भी खुली ही रहती हैं. ललाट में सलवटे पड़ जाती हैं. आँख के निचे की पलक गिर पड़ती हैं तथा सांस लेते वक्त शब्द होता हैं.

face paralysis photo, munh ka lakwa

चहरे पर लकवा होने का कारण

  • ऊंची आवाज़ से, चिल्लाने पुकारने, भाषण करने से, सख्त चीजों को दांतों से तोडने से, अधिक मुंह फाड़कर जम्हाई लेने से, खूब ठठाकर हंसने से, शक्ति से अधिक भार उठाने से, गर्दन को टेडी-मेडी करके सोने बैठने से, शरीर में रक्त की कमी होने से, मुख की स्नायुओं में किसी प्रकार का विकार होने से, गालों पर तीव्र ठण्ड लगने से, कान का घाव होने से तथा चहरे पर चोट आदि लगने से भी कभी कभी यह रोग हो जाता हैं.
  • इन सभी करने से मस्तिष्क में खून का की नस का फट सकती है, मस्तिष्क की नस में खून के थक्के बनजाते है जिस वजह से लकवा हो जाता है.

घरेलु उपचार

  • 15 ML एरंड का तेल ले इसे अच्छे से पकाकर गर्म दूध में डालकर दोनों समय सुबह और शाम को सेवन करे.
  • 15 ML अमलतास के पत्तों का रस निकाले और इसे दोनों समय सुबह शाम पिए साथ ही मुंह पर जहां लकवा लगा हो वहां पर इसकी मालिश करे.
  • छुहारे रोजाना रात को सोने से पहले दूध के साथ खाये, दूध में उबालकर भी खा सकते है.
  • देसी गाय के घी की दो दो बुँदे दोनों नाक में रोजाना रात को डाले तो इससे भी अत्यंत लाभ होता है.

पिछले पेज पर वापस जाए

चहरे की खोई हुई रोनका वापस लाने के लिए, यानी मुंह का लकवा लगने का इलाज face paralysis in Hindi करने के लिए हमने कई घरेलु उपाय बताये हैं, यानी सिर्फ मुंह ही नहीं बल्कि हर तरह के लकवा के लिए हमने आयुर्वेदिक उपचार दिए हैं. मुख्यतः इन सभी लकवो का विज्ञानं एक ही होता हैं, इसलिए इनका उपचार भी एक ही होता हैं.

Submitted : DR Sudip Mehta (Ayurvedic)

Share करने के लिए निचे दिए गए SHARING BUTTONS पर Click करें. (जरूर शेयर करे ताकि जिसे इसकी जरूर हो उसको भी फायदा हो सके)
आयुर्वेद एक असरकारी तरीका है, जिससे आप बिना किसी नुकसान के बीमारी को ख़त्म कर सकते है। इसके लिए बस जरुरी है की आप आयुर्वेदिक नुस्खे का सही से उपयोग करे। हम ऐसे ही नुस्खों को लेकर आप तक पहुंचाने का प्रयास करते है - धन्यवाद.