पीलिया जड़ से ठीक करने की दवा आयुर्वेदिक, पतंजलि

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  • यह पोस्ट पूरा पढ़े, यहां मुफ्त में पीलिया रोग ठीक करने के तरीके बताये है जिनको आप घर पर ही आसानी से कर सकते है. पूरा जरूर पड़ें.

सबसे तेज़ और असरकारी पीलिया की दवा बताये आयुर्वेदिक व देसी जाने इसके बारे में यह जो उपाय हम बताने जा रहे है इसके सेवन से सिर्फ 7 दिन में ही पीलिया ठीक हो जायेगा. इसके लिए बस नियम जरुरी है जिनका आपको खास ध्यान रखना है.

इस रोग की वैसे बाजार में ऐसी कोई अंग्रेजी दवा नहीं है जो की पूरा आराम कर सके, इसके लिए रोगी को देसी दवाइयों का ही सेवन करना पड़ता है और कुछ परहेज करने पड़ते है. इस रोग में परहेज का अहम् रोल होता है.

कामला रोग यानी पीलिया इसकी उत्पत्ति पित्त वाहिनी के मार्ग में अवरोध होने से होती है यकृत और पित्ताशय से निकलने वाली पित्त को वहानियों के मिलने की जगह पर भी यह अवरोध हो सकता है इस विकृति में रक्त पित्त से मिलने लगता है और शरीर के त्वचा का रंग पीला होने लगता है.

पीलिये के सामान्य लक्षण

  1. पीलिया रोग होने पर रोगी के चेहरे पर पीले रंग के लक्षण दिखाई देते हैं.
  2. कुछ दिनों में सारे शरीर की त्वचा का रंग पीला हो जाता है.
  3. रोगी के नेत्रों की श्लेष्मिक कला, नाख़ून, पसीना और मूत्र आदि भी पिले हो जाते हैं.
  4. स्त्री के स्तनों से भी पीले रंग का दूध निकलता है.
  5. पीलिया की पहचान करने के लिए यह अभी पड़ें : पीलिया के लक्षण
  • आप इस पोस्ट को पूरा निचे तक पड़ें, यह सिर्फ 5-7 दिन में पीलिया ठीक करने के बारे में बताया गया है. इसलिए पूरा निचे तक पड़े जल्दबाजी न करे.

कामला रोग की चिकित्सा के लिए रोगी को मिर्च-मसालों और घी मक्खन से बने पदार्थों का सेवन बंद कर देना चाहिए.

पीलिया की दवा बताएं आयुर्वेदिक

Piliya ki dawa batao Kya Hai

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हल्दी का इस तरह दवा के रूप में इस्तेमाल करे

  • 3 ग्राम हल्दी का चूर्ण मटठे तक्र के साथ सुबह खाली पेट सेवन करने से पीलिया के रोगी को बहुत लाभ होता है.
  • 200 ग्राम तक्र मटठे में 3 ग्राम हल्दी और पांच काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से पीलिया रोग नष्ट होता है.
  • हल्दी, गेरू और आंवले का सुरमा बनाकर नेत्रों में लगाने से पीलिया रोग नष्ट होता है और साफ़ स्वच्छ नमक मिर्च रहित पत्थर पर केवल हल्दी को घिस कर आंखों में साफ़ व सफाई से लगाए तुरंत लाभदायक होता.
  • दारू हल्दी का रस और गिलोय का रस 3-3 ग्राम लेकर, उसमें 3 ग्राम त्रिफला चूर्ण मिलाकर मधु के साथ सेवन करने से पीलिया रोग नष्ट होता है.
  • श्वेत प्याज के 10 ग्राम रस में हल्दी का 2 ग्राम चूर्ण और गुड़ मिलाकर सेवन करने से पीलिया रोग नष्ट होता है.
  • लगातार 3 माह तक सुबह के समय खाली पेट (निराहार) 2 ग्राम पिसी हुई हल्दी 5 ग्राम गाय के ताजा मक्खन के साथ सेवन करने से पीलिया रोग जड़ मूल से दूर होता है.
  • आधा चम्मच हल्दी चूर्ण पाउडर रोजाना सुबह के समय गाय के आधा आधा किलो छाछ के अनुपात के साथ सेवन करने से पीलिया में रोग में शीघ्र लाभ होता है. पीलिया रोग को जल्दी ठीक करने का उपाय.

Note : पीलिया रोग और हल्दी का आश्चर्यजनक प्रयोग

छाछ न हो तो इसके जगह एक गिलास साफ़ स्वच्छ गरम जल या दूध के साथ रोजाना दो तीन बार सेवन करके भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं. या उपरोक्त प्रयोग आधा लीटर मटठा या दो चम्मच दही के साथ भी किया जा सकता है.

अन्य उपाय हल्दी, कालीमिर्च, आंवला, पीपल, सोंठ तथा लोह भस्म में सभी को समान मात्रा में लेकर कपड़छान चूर्ण तैयार करके किसी एयरटाइट साफ स्वच्छ शीशी में सुरक्षित रख लें. इस चूर्ण को एक 2 ग्राम की मात्रा में शहद में भली प्रकार मिलाकर रोजाना तीन बार सेवन करने से पीलिया रोग से मात्र 5-7 दिनों में पूर्ण लाभ होता है.

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जानिये पीलिया का उपचार पतंजलि योगपीठ के द्वारा

  • पीलिया जॉन्डिस एक ऐसी प्रॉब्लम हैं जो बच्चों से लेकर बड़ों तक लेडीज हो या जेंट्स हो यह किसी भी उम्र में हो जाता हैं. यह सिर्फ हिंदुस्तान में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में फैला हुआ हैं, यह एक ऐसी बीमारी हैं जिसका एलॉपथी में कोई इलाज नहीं हैं. किसी को जॉन्डिस जब हो जाता हैं तो एलॉपथी का डॉक्टर भी उसे आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट लेने के लिए सलाह देता हैं. पीलिया के लिए जो परम्परागत इलाज हैं, जो घरेलु नुस्खे हैं वह बहुत ही प्रभावशाली हैं.

  • जैसे अरंडी के पत्तों का रस तीन से पांच चम्मच सुबह खाली पेट पिने से अत्यंत लाभ होता हैं. एरंड के पत्तों को ले फिर उन्हें कूटकर रस निकाल लें और फिर तीन से पांच चम्मच यह रस पिने कितना ही पुराना पीलिया हो 4-5 दिन में ख़त्म हो जाता हैं, फिर चाहे वह कितना ही भयंकर पीलिया हो यह उपाय उसे ख़त्म कर देता हैं. इससे advance stage का पीलिया भी खत्म हो जाता हैं. यह पुराने से पुराने पीलिया का इलाज हैं. यह पीलिया की आयुर्वेदिक दवा से कम नहीं हैं. हमने बताया आपको की पीलिया में एलॉपथी होमियोपैथी दोनों असरकारी नहीं होती हैं, आप इसके लिए यहाँ बताये जा रहे पीलिया का आयुर्वेदिक उपचार इलाज का सहारा जरूर लें.
  • पीलिया होने पर आंखें पूरी पिली पढ़ जाती हैं, शरीर में खून की कमी हो जाती हैं और भूख लगना बंद हो जाती हैं, लिवर भी कमजोर हो जाता हैं. लिवर तो एक तरह से हमारे शरीर का इंजन हैं, और पीलिया में हमारे शरीर का लिवर यानी इंजन बैठ गया तोह फिर कैसे जीवन की गाडी चलेगी.

अरंड का सेवन करते वक्त रखे परहेज

  • इसमें आपको थोड़े परहेज रखने पड़ेंगे. तली हुई चीज खाना बिलकुल बंद कर दें, जब भी आप इस उपाय का प्रयोग करे तो घी खाना भी बंद कर दें, रोटी में घी लगाकर न खाये. खाने में आप रागी की रोटी, ज्वर की रोटी, सामान्य रूप से जो हैं चावल, लोकि की सब्जी, हरी पत्तेदार सब्जियां आदि. भोजन में हलकी चीजें खाये, जिससे की आपके लिवर के ऊपर उसे पचाने का ज्यादा दबाव न पड़े.
  • लिवर के लिए एक बार अच्छे टॉनिक के लिए में कहूं, या उसको ये कहूं की जिसने कपालभाति कर लिया उसको तो जिंदगी में हार्ट अटैक हो ही नहीं सकता, उसको पीलिया की प्रॉब्लम भी हो ही नहीं सकती. तो अगर आप जिंदगी भर पीलिया से बचे रहना चाहते हैं तो रोजाना कपालभाति जरूर करे, अभी रोगी की अवस्था में आप रोजाना 30 मिनट तक कपालभाति करे फिर बाद में 15 मिनट रोजाना करे.
  • आजकल छोटे-छोटे बच्चों को भी पीलिया लाखों की संख्या में हो रहा हैं. यदि बच्चों को बचपन से ही कपालभाति करा दिया जाये तो उनको जिंदगी में कभी भी पीलिया की समस्या नहीं होगी इसके साथ और भी अन्य रोग बच्चे को नहीं होंगे.

acupressure points for jaundice

पीलिया के लिए एक acupressure points भी हैं. हमारे इन हाथों में ही प्रकृति ने सब बिमारियों का इलाज दिया हैं. हमारे हाथ की जो आखिरी उंगली हैं, उसके निचे के हिस्से को जो की हथेली के हिस्से में आता हैं उसको दबाने से पीलिया में काफी आराम मिलता हैं. यह लिवर का पॉइंट होता हैं, इसको रोजाना दबाते रहने से लिवर की शक्ति बढ़ती हैं acupressure points for jaundice.

गन्ने के रस में गेहूं के बारबर चुना मिलकर पिने से अत्यंत लाभ होता हैं.

पीलिया रोग में पतंजलि की दवा बाबा रामदेव

  • पीलिया ठीक करने के लिए आयुर्वेद में बनी औषधियों के तौर पर आप आरोग्य वटी दे सकते हैं, आरोग्य वर्धनी वटी दे सकते हैं और उदरामृत यह तीनो पतंजलि में पीलिया की दवा हैं बाबा रामदेव. आरोग्य वटी पीलिया के रोगी को खाली पेट दें, और आरोग्य वर्धनी और उदरामृत ये भोजन करने के बाद दें.
  • पीलिया के रोगी को कुमार्यासव भी पिलाया जाता हैं, लोहासव भी पीला देते हैं. कुमार्यासव और लोहासव दोनों मिलाकर के दो दो चम्मच और चार चम्मच पानी मिलाकर के खाना खाने के बाद पीला दें. (पतंजलि की दवा) अगर आप पीलिया में इन चीजों का प्रयोग करते हैं तो आपको 100% आराम मिलेगा.
  • अरंड के पत्तों का रस पीलिया के लिए बहोत जबरदस्त लाभदायक हैं. इसी तरह से पुनर्नवा का मूल का रस यह भी बहोत जबर्दस्त लाभ करता हैं. ताज़ा पुनर्नवा का रस कोई पि ले तो यह भी तीन दिन के अंदर पीलिया को ठीक कर देता हैं.
  • एक हम श्योनाक की छाल का रस पिलाते हैं, यह पीलिया से लेकर हेपेटाइटिस तक को अच्छा कर देता हैं. टोटला क्वाथ और श्योनाक क्वाथ की छाल का रस निकाले और यह भी दो तीन चम्मच पीला दे रोगी को. इससे भी पीलिया 100% ठीक हो जाता हैं.
  • पतंजलि में एक सर्वकल्प क्वाथ बनाते हैं, इसमें पुनर्नवा, मकोय और भूमिआँवला इन तीनो को सामान मात्रा में मिलाकर के क्वाथ बनाते हैं. इस क्वाथ को उबालकर के रोगी को पीला देते हैं. यह भी 100% आराम देता हैं.
  • भूमिअंवाला एक छोटा सा पौधा होता हैं. इसमें आंवले जैसे फल लगते हैं छोटे-छोटे, यह पुरे हिंदुस्तान भर में पाया जाता हैं. इस भूमिअंवाला से बढ़कर कमजोर लिवर के लिए और कोई बेहतरीन टॉनिक हो ही नहीं सकता हैं, यह लिवर की कमजोरी को दूर करने के लिए रामबाण हैं. तो जिस किसी का भी लिवर कमजोर हो वह इन आयुर्वेदिक नुस्खों को अपना सकते हैं.

बार बार पीलिया होने पर क्या करे

  • जिन लोगों को क्रोनिक जॉन्डिस व पुराने से पुराना पीलिया हो, या जिनको बार-बार पीलिया होने की समस्या हो. बार-बार बुखार बना रहता हो उनके लिए भी हमने एक उपाय खोजा हैं. आंकड़े की जड़ यानी आर्क की जड़ (मदार की जड़) आर्क की जड़ का पाउडर करीब आधा ग्राम के आसपास ले इसमें पानी मिलाकर के सुबह के समय खाली पेट रोगी को दे दें.
  • इस उपाय से कितना ही पुराना पीलिया हो, कितना ही पुराना बुखार हो, बार-बार पीलिया होने की समस्या हो, बार-बार बुखार आने की समस्या हो वह सब इससे ठीक हो जाता हैं.

#1 पानी ज्यादा पिए

पीलिया में पानी ज्यादा पीना भी अचूक दवा से कम नहीं हैं. भरपूर मात्रा में पानी पिटे रहने से शरीर में उत्सर्जन की क्रिया तेजी से चलती रहती हैं, इससे शरीर के ख़राब पदार्थ शरीर में ज्यादा देर तक नहीं रह पाते व शरीर से मल मूत्र के रूप में बहार निकलते रहते हैं. खासकर पीलिया रोग में तो ज्यादा पानी पीना ही चाहिए.

#2 नारियल व गन्ने का रस पिए

रोजाना सुबह व शाम को दोनों समय नारियल पानी या गन्ने का रस पिने मात्रा से पीलिया ठीक हो जाता है. यह एक अनुभूत प्रयोग हैं, आप इसे दिन में तीन बार भी पि सकते हैं. और अगर आप 2-3 दिन तक सिर्फ नारियल पानी व गन्ने के रस पर उपवास कर सकते हो तो यह पीलिया में अचूक काम करेगा.

#3 मकोय हैं आयुर्वेदिक देसी दवा (बताये)

मकोय की पत्तियों में ऐसे अचूक गुण होते हैं जो की लिवर से सम्बंधित सभी रोगों में रामबाण लाभ करते हैं. इसके प्रयोग के लिए आप कहीं से मकोय की पत्तियां तोड़कर लाये व इन्हें पानी में डालकर अच्छे से उबाले, अच्छे से उबल जाने के बाद मकोय की पत्तियां भी चबाकर कर खा ले व इसके पानी को भी पि जाये. पीलिया में मकोय को आप सीधे चबाकर भी खास सकते हैं, यानी बिना मकोय को उबाले इसकी पत्तियों को सीधे चबाकर खा सकते हैं, आप इसमें मकोय की सब्जी बनाकर भी खा सकते हैं, इस तरह रोजाना 10-15 दिनों तक सब्जी का सेवन करे सभी तरह के लिवर रोग दूर हो जायेंगे.

#4 पपीता और लोकि

पपीते के पत्तों और लोकि का रस भी पीलिया बहुत रामबाण लाभ करता है. यह सबसे आसान और स्वादिष्ट हैं आप इसे भी नारियल पानी व गन्ने के रस के तरह घर पर ही सेवन कर सकते हैं. रोजाना सुबह के समय पपीते के पत्तों का रस व सादे पपीते का रस का सेवन जरूर करे.

  • इस पोस्ट का अगला पेज भी पड़ें, उसमे अन्य आयुर्वेदिक उपाय बताये गए है जो की आपको भी जरूर पता होना चाहिए इसे भी पड़ें : NEXT PAGE

यह सभी प्राचीन आयुर्वेद के उपाय है जो की 100% पीलिया से छुटकारा दिलाने में सक्षम है. आप परहेज के साथ इनका प्रयोग करे. और इस पोस्ट का यह दूसरा पेज (Next Page) भी पड़े यहाँ और भी कई जरुरी जानकारी बताई गई है.

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आयुर्वेद एक असरकारी तरीका है, जिससे आप बिना किसी नुकसान के बीमारी को ख़त्म कर सकते है। इसके लिए बस जरुरी है की आप आयुर्वेदिक नुस्खे का सही से उपयोग करे। हम ऐसे ही नुस्खों को लेकर आप तक पहुंचाने का प्रयास करते है - धन्यवाद.