pitti ka ilaj, पित्ती का आयुर्वेदिक इलाज, pitti uchalna ka upay

पित्ती उछलने के उपाय और इलाज : आयुर्वेदिक उपचार

पित्ती का इलाज हम आपको आसान से नुस्खे बताएंगे जिनके जरिये आप घर पर ही इस परेशानी से छुटकारा पा सकते हैं. पित्ती उछलना स्किन की एक बीमारी है, इसमें रोगी के शरीर पर लाल चकत्ते की छोटी-छोटी फुंसिया हो जाती है.

इनके वजह से त्वचा में जलन, खुजली व दर्द भी होता हैं. यह अचानक पैदा होता है व फिर अपने आप चला भी जाता है लेकिन कई बार यह ज्यादा दिनों तक ठहर जाता है जिससे रोगी को बहुत तकलीफ होती हैं, तो यह रोग बार-बार न हो इसके लिए आप पित्ती उछलने के घरेलु उपाय जरूर करे इनके प्रयोग से आपको जरूर लाभ होगा.

पित्ती उछलने के कारण

कब्जियत, अजीर्ण, पाचन के रोग, खून की खराबी, खून की गर्मी व पित्त का शरीर में बढ़ जाने के कारण ही पित्ती उछलना की समस्या होती हैं.

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पित्ती का आयुर्वेदिक इलाज और दवा उपचार

Pitti Uchalna Ke Gharelu Upay in Hindi

  • जब बड़ी-बड़ी उच्चकोटि की पित्ती उछलना की दवा और आधुनिक इंजेक्शन के प्रयोग से भी पित्ती में लाभ न हो, तो छह ग्राम नागकेसर को 25 ग्राम शहद में मिलाकर रोगी को सुबह शाम दिन में दो बार खिलाने से अवश्य लाभ होता हैं, यह सैंकड़ों बार आजमाया गया प्रयोग हैं.
  • 10 कालीमिर्च आधा चम्मच घी में मिलाकर पिने तथा इन दोनों को हुई शरीर पर मालिश करने से पित्ती ठीक होती हैं.
  • नीम हैं पित्ती का आयुर्वेदिक इलाज नीम के तेल या नीम के बीज की गिरी सरसों के तेल में जलाकर उस तेल की मालिश करे तथा नीम के पत्ते जब तक कड़वे न लगने लग जाए, चबाते रहे. यह प्रयोग पित्ती में बहुत ही लाभकारी हैं.
  • पीसी हुई हल्दी एक चम्मच, गेहूं का आता दो चम्मच, घी एक छमक, चीनी दो चम्मच, आधा कप पानी डालकर हलुआ बना लें. इसे ठंडा होने पर सुबह के समय खाये, ऊपर से एक गिलास दूध पिए. इससे पित्ती मिट जाती हैं. आधा चम्मच हल्दी मिश्री या शहद मिलाकर दो बार रोजाना सेवन करे. पित्ती निकलना बंद हो जाएगी.
  • अजवाइन 50 ग्राम अच्छी प्रकार कूटकर 50 ग्राम गुड़ के साथ छह: छह: ग्राम की गोलियां बना लें. रोजाना सुबह व शाम को एक-एक गोली ताज़ा पानी के साथ लें. एक सप्ताह में ही तमाम शरीर पर फैली हुई छपाकी दूर हो जाती हैं पित्ती के घरेलु उपचार में यह भी बेहतरीन उपाय हैं.
  • पित्ती निकली हुई हो तो नहाना नहीं चाहिए. हवा लगने और नमक खाने से इसमें वृद्धि होती है.
  • पित्ती का इलाज में तिल्ली का तेल का फोहा गुदा में दबाने से तत्काल पित्ती ठीक हो जाती हैं. यह सबसे जल्दी असर करने वाला  उपाय में से एक हैं.
  • पित्ती उछलना से रोकने के लिए दुब और हल्दी को एक साथ पीसकर लगाने से सहित-पित्त के रोग में आराम होता है.
  • एक छटांक चिरोंजी खाने से हर प्रकार की पित्ती शांत हो जाती हैं.
  • त्रिफला चूर्ण को शहद में मिलाकर चाटने से पित्ती में आराम होता है.
  • एक तोला आंवले के चूर्ण को एक टोला गूढ़ में मिलाकर खाने से पित्ती रोग दूर हो जाता है.
  • अदरक को गूढ़ के साथ कुचलकर खाने से पित्ती रोग शांत हो जाता है.
  • घी में सेंधा नमक मिलाकर मालिश करने से पित्ती रोग ठीक हो जाता हैं.
  • मोतीचूर के लड्डू खाकर ऊपर से घी पिने से पित्ती रोग शांत हो जाता हैं.
  • तीन माशा जीरे का चूर्ण गुड़ में मिलाकर दिन में दो तीन बार खाने से एक सप्ताह में पित्ती ठीक हो जाती हैं.
  • बेर के पत्ते पीसकर लगाने से पित्ती ठीक हो जाती हैं.
  • गेहूं की भूसी और अजवाइन सामान भाग में लेकर इन्हीं पीसकर शरीर पर मल लें और ओढ़कर सो जाए लाभ होगा, यह पित्ती उछलना का घरेलु उपाय हैं.
  • अजवाइन और गुड़ 50-50 ग्राम लेकर अजवाइन को कूटकर गुड़ के साथ 6-6 ग्राम की गोलियां बना लें और सुबह व शाम दिन में दो बार एक एक गोली ताजे पानी के साथ ले एक सप्ताह में ही तमाम शरीर पर फैली हुई छपाकी दूर हो जाती है.
  • 6 ग्राम पोदीना को पीसकर पानी में घोलकर सर्दियों में उबालकर छानकर 12 ग्राम चीनी मिलाकर रोजाना सुबह व शाम दो मात्रा में पिने से बार-बार पित्ती निकलना बंद हो जाती हैं.
  • तिल्ली के तेल का दाहा गुदा में दबाने से तत्काल ही पित्ती ठीक हो जाती हैं.
  • सोडा बाई करब खाने का सोडा चार ग्राम को 500 ग्राम पानी में घोलकर त्वचा पर मल देने से पित्ती उछलने, चार्म शोथ, खुजली, त्वचा पर दाने निकल आने जिनमे खुजली होती है आदि कष्टों में तत्काल आराम मिलता हैं, यह उपाय पित्ती उछलना का उपचार करता हैं.
  • नीम के हरे पत्ते साफ़ करके तब तक चबाते रहना चाहिए, जब तक की वह कड़वे न लगने लग जाए. पित्ती से ग्रसित रोगी को नीम के पत्ते कड़वे नहीं लगते है. अथवा यदि हरी निबोली मिल सके तो सात निबोली चबानी चाहिए. छोटे बच्चों को दो निबोली 12 ग्राम पानी में घिसकर देने से पित्ती तुरंत दूर हो जाती है. यदि शेष रह जाए तो दुबारा करना चाहिए, बताये गए सभी पित्ती का आयुर्वेदिक इलाज में यह नुस्खे बहुत लाभदायक है.
  • 10 ग्राम पोदीना, 20 ग्राम गुड़ 200 ग्राम पानी में उबालकर छानकर रोगी को पिलाने से बार-बार पित्ती उछलने वाली पित्ती ठीक हो जाती हैं, बार बार पित्ती उछलना के उपाय में यह बहुत असरकारी हैं.
  • 100 चने बेसा से निर्मित मोतीचूर के लड्डुओं पर 10 कालीमिर्च पीसी हुई डालकर खाने से पित्ती में लाभ होता हैं.
  • आधा चम्मच भर पीसी हुई हल्दी आधा चम्मच मिश्री अथवा शहद में मिलाकर दिन में दो बार सेवन करने से इलाज हो जाता है.
  • पीसी हुई हल्दी एक चम्मच, गेहूं का आटा दो चम्मच, घी एक चम्मच, चीनी दो चम्मच को लेकर आधा कप पानी डालकर हलवा बना लें. इसे ठंडा होने पर रोजाना सुबह के समय खाये और ऊपर से एक गिलास दूध पिए इस प्रयोग से भी पित्ती उछलना बंद हो जाती हैं.
  • पित्ती उछलना बंद करने के लिए हींग को घी में मिलाकर मालिश करने से पित्ती में लाभ होता है.
  • जीरे को पानी में उबालकर इस पानी से नाहने पर बदन की खुजली और पित्ती मिट जाती हैं. खुजली, फुंसिया, जलन, दर्द आदि चर्म रोगों में पानी में जीरा पीसकर लेप करने से लाभ होता हैं.
  • अजवाइन एक ग्राम और गुड़ तीन ग्राम मिलाकर खाने से पित्ती उछलना रुक जाती हैं.

आप इन ऊपर दी गई पोस्ट को भी जरूर पड़ें, ऐसा करने से आपको इन रोगो के बारे में और अच्छे से जानकारी हो जाएगी साथ ही आप आसानी से पता भी लगा पाएंगे की यह क्यों होती है आदि.

  • एक चम्मच अजवाइन और स्वादानुसार सेंधा नमक मिलाकर सुबह भूखे पेट पानी के साथ सेवन करने से पित्ती,कृमि, आमवात व अजीर्ण रोग में लाभ होता हैं.

तो इस तरह अगर आप pitti uchalna ke upay, ilaj Hives treatment करते हैं तो आपको 100% लाभ होगा कई बार रोगी इसके लिए पित्ती उछलना की दवाई भी लेते है लेकिन वह भी उतना असर नहीं करती लेकिन यह घरेलु नुस्खे आपको जरूर लाभ देंगे.

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आयुर्वेद एक असरकारी तरीका है, जिससे आप बिना किसी नुकसान के बीमारी को ख़त्म कर सकते है। इसके लिए बस जरुरी है की आप आयुर्वेदिक नुस्खे का सही से उपयोग करे। हम ऐसे ही नुस्खों को लेकर आप तक पहुंचाने का प्रयास करते है - धन्यवाद.

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