प्रेगनेंसी में पेट दर्द के कारण क्या है – गर्भावस्था का दर्द

प्रेगनेंसी गर्भावस्था में पेट दर्द के कारण ऐसे वक्त में दर्द होना आम बात होती हैं, क्योंकि गर्भावस्था के समय भ्रूण में कई बदलाव होते हैं. यह दर्द अधिकतर 17 सप्ताह के बाद शुरू होता हैं यह दर्द संकेत देता हैं की आपका भ्रूण अब तेजी से विकाशील हो रहा हैं या प्रसव का समय नजदीक आने वाला हैं.

इसके प्रकार कई तरह के होते हैं और हर प्रकार एक अलग संकेत देता हैं. आइये हम इसी विषय में पूरी जानकारी के बारे में पढ़ते हैं.

महिलाओ को ऐसी अवस्था में पेट दर्द होने पर उन्हें सचेत रहना चाहिए और तुरंत ही डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए, क्योंकि ऐसे में अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता की आपको गंभीर समस्या हैं या सिर्फ भ्रूण के विकास के वजह से या शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव के वजह से पेट दर्द हो रहा हो.

  • पोस्ट को आराम से पूरा व ध्यान से निचे तक पड़ें.

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  • प्रेगनेंसी में यह पेट दर्द गर्भाशय के बढ़ने से भी होता हैं, जैसे-जैसे दिन नजदीक आते जाते हैं वैसे-वैसे गर्भाशय बढ़ने लगता हैं और इसी वजह से मांसपेशियों में खिंचाव उत्पन्न होता हैं जिससे भी पेट दर्द का एहसास होता हैं.
  • ज्यादातर देखा गया हैं की प्रेगनेंसी का पेट दर्द कुछ सेकण्ड्स के लिए होता हैं, यह दर्द खांसने, छींकने या मांसपेशी के खींचने, एक दम से खड़े होने पर के वजह से होता हैं.
  • अगर आपको थोड़े सेकण्ड्स (समय) के लिए पेट दर्द उठता हैं तो यह एक सामान्य बात हैं इससे आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं हैं.
  • लेकिन अगर गर्भावस्था का पेट दर्द ज्यादा देर तक बना रहता हो तो फिर निश्चिन्त ही प्रेग्नेंट महिला को डॉक्टर को दिखाना चाहिए, ऐसे में महिला को पेट में ऐठन, कमर के निचे दर्द, हल्का बुखार, योनि से खून बहना, उल्टियां होना, जी घबराना, पेशाब में दर्द आदि यह लक्षण भी दिखाई दें तो फिर महिला को जल्द से जल्द ही डॉक्टर को दिखाना चाहिए.
  • ऐसे में अगर डॉक्टर को दिखाने में देरी की जाए तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं, समय से पहले प्रसव, अल्सर आदि समस्या खड़ी हो सकती हैं pregnancy me pet dard symptoms in Hindi.

गर्भावस्था में पेट में दर्द होने के कारण बताएं

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गर्भावस्था पेडू में दर्द होना

  • पेट के बाई और निचले हिस्से में जो दर्द होता हैं वह मांसपेशियों के खिंचाव के कारण होता हैं, और इसका एक गंभीर लक्षण यह भी हो सकता हैं की पेट में मौजूद फेलोपियन ट्यूब में कोई नुकसान हुआ हो ऐसे में अगर फेलोपियन ट्यूब फट जाए तो शिशु व माँ दोनों की जान को खतरा हो सकता हैं. अगर आपको पेट के बाई और निचले हिस्से में दर्द हो रहा हैं और यह दर्द लम्बे समय तक हो रहा हो तो आप जल्द ही डॉक्टर से मिले.

पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द

  • प्रेगनेंसी में पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द ब्लड प्रेशर बढ़ जाने से, HELLP Syndrome, किडनी में इन्फेक्शन, पित्त की थैली, पित्ताशय में सूजन आदि के कारण हो सकता हैं. तो अगर आपको भी पेट के ऊपरी भाग में दर्द होता हैं तो जरूर ही आप निम्न कारणो से पीड़ित होंगी. इसके उपचार के लिए जल्द ही डॉक्टर से मिले.

प्रेगनेंसी में कमर दर्द

  • प्रेगनेंसी में कमर दर्द सेक्रोइलियक जॉइंट के जोड़ में होता हैं, यह दर्द निम्न कारणों से हो सकता हैं जैसे वजन बढ़ना, गर्भाशय का बढ़ना, हार्मोन्स में बदलाव, तनाव, गर्भाशय के बढ़ने व पेट के बाहर आ जाने से आदि इन निम्न कारणों से गर्भावस्था में कमर दर्द पैदा होता हैं. इससे छुटकारा पाने के लिए डॉक्टर को दिखाए वह आपको दवा देंगे. ऐसे में Acetaminophen दवा लेना भी लाभकारी होती हैं.

प्रेगनेंसी में कमर के निचले हिस्से में दर्द

  • ज्यादातर महिलाओं को प्रेगनेंसी में कमर के निचले हिस्से में दर्द होता हैं. यह दर्द 5-7 महीने में होना आम माना जाता हैं. लेकिन जिन महिलाओं को गर्भावस्था के पहले ही पीठ के निचले हिस्से में दर्द महसूस होता हो उनका इसका जल्द ही इलाज करवाना चाहिए क्योंकि जब यही महिला गर्भधारण करेगी तो परेशानी और भी अधिक बढ़जाएगी. तो प्रेगनेंसी में पीठ के निचले हिस्से में दर्द होने पर इसके लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

गर्भावस्था में कमर के ऊपरी हिस्से में दर्द

  • प्रेगनेंसी में कमर के ऊपरी हिस्से में दर्द होना भी आम होता हैं, यह दर्द भ्रूण के विकास, महिला के वजन का बढ़ जाना, हार्मोन्स में बदलाव आदि के वजह से होता हैं. जब गर्भाशय बढ़ने लगता हैं तो शरीर का आकर व रीढ़ की हड्डी की सरंचना में भी बदलाव होता हैं इसी वजह से कमर के निचले हिस्से व ऊपरी हिस्से में दर्द होना आम माना जाता हैं. ऐसे में दर्द से राहत पाने के लिए डॉक्टर से सलाह अवश्य लेना चाहिए.

प्रेगनेंसी में पैर में दर्द करना

  • प्रेगनेंसी में पैर दर्द होना साइटिका, ज्यादा वजन, ज्यादा चलने से आदि के कारण हो सकता हैं. लेकिन अगर आपको लम्बे समय तक पैर में दर्द हो रहा हो तो इसके कारण में deep vein thrombosis हो सकती हैं, इसमें पैरों में खून के थक्के जमना शुरू हो जाते हैं.
  • यह ज्यादातर लम्बे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने पर होता हैं. ऐसे में पैर दर्द ज्यादा समय तक और बार-बार हो रहा हो तो डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए.

गर्भावस्था में सिर दर्द

  • प्रेगनेंसी में सिर दर्द होना होना आम होता है लेकिन कभी-कभी यह गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता हैं. जैसे की लम्बे समय तक सिर में दर्द होना, तेज दर्द होना आदि ऐसे में डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए.

प्रेगनेंसी में योनि का दर्द

  • इसमें योनि का दर्द आम होता हैं अगर वह धीमा हो रहा हो, लेकिन अगर योनि में तेज दर्द व लम्बे समय तक दर्द हो रहा हो व इसके साथ ही खून निकलना आदि के लक्षण भी आरहे हो तो यह किसी अन्य रोग के लक्षण हो सकते हैं. वैसे गर्भावस्था में योनि में दर्द होना आम है अगर वह रुक-रुक व कभी-कभी हो रहा हो, क्योंकि ऐसे में भ्रूण के विकास के साथ-साथ योनि की मांसपेशियों में होने वाले खिंचाव के कारण हो सकता हैं.

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अगर आपको भी पेट में किसी जगह पर लम्बे समय तक दर्द बना रहता हैं तो आपको डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए. इसके अलावा अगर आप हमसे प्रेगनेंसी के पैर दर्द, योनि, सिर, कमर, ऊपरी हिस्से निचले हिस्से आदि के बारे में और कुछ जानना चाहते हैं तो कमेंट के जरिये हमे जरूर सूचित करे.

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