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स्तन कैंसर होने के लक्षण क्या है, ये उपाय से करे ब्रैस्ट कैंसर का इलाज

स्तन कैंसर के लक्षण और उपाय यह रोग काफी तेजी से बढ़ता जा रहा हैं, और डॉक्टरों का अनुमान हैं की आने वाले समय में यह और भी ज्यादा महिलाओ को हो सकता हैं.

अभी भी भारत में ऐसी कई महिलाये हैं जिन्हे स्तन में गांठ होना, स्तन ब्रैस्ट कैंसर के इस रोग के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं, ऐसे में और भी संभावनाएं बढ़ती हैं की भविष्य में यह रोग और भी महिलाओ को हो. इसीलिए यहां पर हम आपको इस बीमारी के बारे व इसके घरेलु उपचार के बारे में पूरी जानकारी बताने जा रहे हैं.

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इस बीमारी के वजह से कई महिलाओ का जीवन बर्बाद हो चूका है, कइयों की तो मौत भी हो गई है. यह ग्रामीण क्षेत्रो में कम देखने को मिलता वही शहरी क्षेत्र में यह रोग दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है.  (ब्रैस्ट कैंसर में बचने के चान्सेस होते है, अगर उसका समय पर सही उपचार करवाया जाए तो.)

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण क्या है

Breast cancer ke lakshan bataye or ilaj

  • इस पोस्ट को पूरा निचे तक ध्यान से पड़े जरुरी उपाय बताये है
  • स्तन में गांठ होना
  • कांख के नजदीक गांठ जैसा महसूस होना
  • स्तन ब्रैस्ट में सूजन रहना
  • स्तन में लालिमा दिखाई देना
  • निप्पल्स को टाच करने पर डिस्चार्ज होना
  • छाती में दर्द होना
  • स्तन की साइज में बदलाव आना
  • स्तन ब्रैस्ट में खुजली
  • गर्दन कंधो में दर्द

अभी तक स्तन ब्रैस्ट के कैंसर के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं, यह आधुनिक जीवनशैली, जेनेटिकली आदि कारणों से हो सकता हैं. वैसे आयुर्वेद में इसका बेहतरीन उपचार हैं. राजीव दीक्षित जी ने ऐसी ही एक महिला का 15 दिन में 60% तक उपचार कर दिया था, उस महिला ने डॉक्टरों से सारा इलाज करवा लिया था लेकिन उनको कई फर्क नहीं पड़ा लेकिन जब उन्होंने राजीव दीक्षित जी से मिलकर उनके बताये हुए उपाय को किया तो उन्हें जल्द ही तीसरे दिन से ही आराम दिखने लगा. आइये जाने ऐसे ही चमत्कारी उपचार के बारे में.

[wps_note size=”20″ background=”#000000″ color=”#ffffff” radius=”3″]यह उन महिलाओ के लिए हैं जिनको ब्रैस्ट में कैंसर हो चूका हैं, व उनके ब्रैस्ट में घाव जैसा होने लगा हैं. ऐसी स्थिति में यह उपाय बेहद रामबाण पाया गया हैं. इसका उपयोग जब आप करेंगे तो इसके प्रयोग के तीसरे दिन ही आपको आराम मालुम हो जायेगा. इसमें आपको बताई जा रह रही चटनी को ब्रैस्ट में लगाकर रखना हैं व सुबह व शाम को इसे गौ मूत्र से धोना हैं और लगातार नियमित रूप से इसका प्रयोग करते रहना हैं. इसके अलावा जिन महिलाओं को अभी ब्रैस्ट कैंसर नहीं हुआ हैं और उनके स्तन ब्रैस्ट में गांठ बन रही हैं या बन गई हैं उनके लिए हमे निचे भी उपाय बता रहे हैं, ध्यान से पूरा पड़ें.[/wps_note]

  • देसी गाय का मूत्र, हल्दी और गेंदे का फूल (गेंदे का फूल नारंगी या पीला दोनों में से कोई सा भी हो चलेगा, देंगे के फूल की पंखुरियों का इस्तेमाल करना हैं).
  • तो सबसे पहले गेंदे का फूल लीजिये और उस फूल की पंखरियाँ निकाल लीजिये बाकी फूल के निचले भाग को फेंक दें. अब थोड़ी हल्दी और इतना ही गाय का मूत्र भी मिला दीजिये, अब इन सब को आपस में मिलाकर के चटनी बना लें और छाती में जहां पर गांठ हो वहां पर इस चटनी का दिन में दो बार सुबह व शाम लेप करे
  • इसको गांठ पर लगाकर ऊपर से कपडा बाँध दें ताकि यह चटनी दिन भर वहीँ पर लगी रहे इसके अलावा जब आप शाम को वापस चटनी लगाए तो इस स्थान को सिर्फ गाय के मूत्र से धोये और रोजाना नई ताज़ा चटनी बनाकर के लगाए ऐसा आप तब तक करते रहिये जब तक की स्तन की गांठ घाव ख़त्म ही न हो जाये.

एक गेंदे के फूल में एक चम्मच हल्दी मिलाये व थोड़ा गौ मूत्र मिलाये, घाव ज्यादा बड़ा है तो ज्यादा चटनी बनाने के लिए आप 2 फूल में 2 चम्मच हल्दी मिला सकते हैं इसी तरह इस अनुपात में आप जरूरत अनुसार फूल का प्रयोग कर सकते हैं.

अब जो आयुर्वेदिक इलाज हम बता रहे हैं यह उन महिलाओं के लिए हैं जिनके स्तन में अभी गांठ बनना शुरू हुई है या गांठ बन चुकी हैं यानी उन महिलाओ के लिए जिनको स्तन का कैंसर होने की संभावनाए है उनके लिए यह बताये जा रहे प्रयोग रामबाण हैं इनको करते रहने से स्तन की गांठ में चमत्कारी आराम मिलता हैं व स्तन का कैंसर होने से बचाव होता हैं.

स्तन की गांठ को कैंसर बनने से रोकने का आयुर्वेदिक उपाय

माताओ व बहनो में जो सर्बाधिक कैंसर पाया जाता है वह हैं स्तन कैंसर और यह एक महामारी की तरह फेल रहा हैं. इसमें डॉक्टर पहले गांठ को निकालते हैं और फिर पुरे ब्रैस्ट को रिमूव कर देते हैं. और एक बार महिला को यह कैंसर हो जाए तो यह फिर शरीर और भी कई जगहों पर होने लगती हैं इस तरह स्त्री का जीवन बर्बाद हो जाता हैं.

  • तो स्तन ब्रैस्ट कैंसर से बचने के लिए एक बहुत ही सरल उपाय है एरंड का पौधा. जिन महिलाओ को स्तन में गांठ है या स्तन में हार्डनेस होना शुरू हो जाए यानी ब्रैस्ट कैंसर के लक्षण दिखाई देने शुरू हो जाये तो आप तुरंत ही एरंड के तेल से स्तन पर जहां गांठ हो वहां पर मालिश करना शुरू कर दें.
  • और अगर स्तन की गांठे बढ़ गई हैं तो एरंड की एक पत्ती तोड़े और 200 ग्राम पानी में पकाएं जब पानी 50 ग्राम बच जाए तो उसे छानकर पिएं, यह अमृतुल्य औषधि हैं. ऐसा करने से होर्मोनेस ठीक होंगे, मासिक धर्म सामान्य होगा और स्तन की गांठ भी ठीक हो जाएगी. यह प्रयोग आपको स्तन के कैंसर के लक्षण दिखाई देने के शुरुआत में ही शुरू कर देना चाहिए तो यह इस कैंसर को बढ़ने नहीं देगा.
  • स्तन पर एरंड के तेल की मालिश करे
  • एरंड के पत्तों को उबाल कर स्तनों पर बंधे.
  • इससे स्तन की गांठ, पीड़ा व सूजन सभी प्रकार की परेशानियां ठीक हो जाएँगी

अन्य उपाय – जिन महिलाओ के स्तनों पर सूजन है, गांठ है वह अरंड के पके फल की गिरी निकाल कर बारीक पीसकर लैंप बनाकर स्तन पर लगाए इससे स्तन की गांठ, सूजन व पीड़ा ठीक हो जाएंगी. अरंड के फल की गिरी आपको बाजार से आसानी से मिल जाएगी.

पत्थरचट्टा

जिन महिलाओ के स्तन में गांठ हो गई हो उनके लिए पत्थरचट्टा भी लाभकारी होता हैं यह गांठ को स्तन कैंसर में बनने से रोकता हैं. जिन स्त्रियों को स्तन में गांठ है वे पत्थरचट्टा के पत्तों को गरम कर स्तन पर बांधें. इससे स्थन की गांठ व कैंसर में आराम मिलेगा इसके साथ ही पत्थरचट्टा के रास का सेवन भी करे इसके रस से भी स्तन पर मालिश करे.

  • जिन महिलाओं को स्तन पर गांठ है व कैंसर होने की सम्भावना है वे लाजवंती व अश्वगंधा की जड़ को पीसकर स्थान पर लगाए इससे स्तन सुडोल व सुन्दर बनेंगे और ब्रैस्ट कैंसर का इलाज होगा.

ब्रैस्ट कैंसर कैसे होता है – यह किसी भी महिला को हो सकता हैं और किसी भी उम्र में हो सकता हैं. शुरुआत में स्तन में गांठ बनती हैं और जब महिलाये इस गांठ का समय पर उपचार नहीं करती तो यह गांठ स्तन कैंसर में परिवर्तित हो जाती हैं. और एक बार जिसे यह रोग हो जाए उस महिला का पूरा जीवन बर्बाद हो जाता हैं.

स्तन कैंसर से बचने के उपाय

  • अनार का रस व फल का सेवन करते रहने से ब्रैस्ट कैंसर से बचाव होता हैं.
  • ऊपर बताये गए लक्षण दिखाई देने पर तुरंत ही ब्रैस्ट कैंसर के लिए ब्लड टेस्ट करवाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके की रोगी को कैंसर है या नहीं.
  • महिलाओ को सुबह के समय काली चाय पीना चाहिए यह स्तन में गांठ व कैंसर होने से बचाता हैं.
  • खट्टे फलों का सेवन भी स्तन का कैंसर होने से रोकता हैं.
  • जिन महिलाओ को स्तन का कैंसर होने की सम्भाना है उनको नमक का सेवन बहुत कम कर देना चाहिए
  • गर्भनिरोधक गोलियां ज्यादा खाने से स्तन कैंसर होने का खतरा रहता हैं इसलिए गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन से बचे.
  • हल्दी का किसी भी रूप में रोजाना सेवन करना चाहिए, क्योंकि हल्दी शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को बनने से रोकती हैं.
  • अखरोट का सेवन भी ब्रैस्ट कैंसर के खतरे से बचाता हैं इसका किसी भी रूप में सेवन करते रहना चाहिए
  • लहसुन का सेवन भी कैंसर की कोशिकाओं को बनने से रोकता हैं
  • यह एक जेनेटिक रोग हैं, इसलिए अगर आपकी मां बहन इस रोग से पीड़ित है या थी तो आपको भी इससे सावधान रहना चाहिए व बचाव के सभी उपाय करते रहना चाहिए.

[wps_note size=”20″ background=”#000000″ color=”#ffffff” radius=”3″]दोस्तों आप इस लेख को Facebook, Whatsapp, Google Plus को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि यह भारत में हर महिलाओं व उनके परिवारजनों तक पहुंच सके. हम यह इसलिए कह रहे हैं क्योंकि यहां बताये गए उपाय डॉक्टरों के इलाज से भी ज्यादा असरकारी हैं, ऐसे में आपका एक SHARE किसी भी महिला का जीवन बर्बाद होने से बचा सकता हैं. इसलिए SHARE करने से पीछे नहीं हटे.[/wps_note]

 

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हमने जो स्तन कैंसर का इलाज और लक्षण, breast cancer ka ilaj जैसे ही आपको लगे की यह रोग आपको हो रहा है तो तुरंत ही उपचार शुरू कर दें। इसके अलावा अपने ब्रैस्ट में दूध को रोके नहीं, कई महिलाये अपने छोटे बच्चों को स्तन से दूध नहीं पिलाती है जिससे की ऐसी समस्या पैदा होती है यह भी एक कारण है।

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आयुर्वेद एक असरकारी तरीका है, जिससे आप बिना किसी नुकसान के बीमारी को ख़त्म कर सकते है। इसके लिए बस जरुरी है की आप आयुर्वेदिक नुस्खे का सही से उपयोग करे। हम ऐसे ही नुस्खों को लेकर आप तक पहुंचाने का प्रयास करते है - धन्यवाद.

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